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दंगे से दंगल तक: उत्तर प्रदेश की बदलती परिपाटी

योगी आदित्यनाथ के उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बनने से पहले यूपी के सिर पर दंगों का साया मंडराया करता था। राजनीति संरक्षित दंगाइयों से डर लगता था कि कब वो कहां आग लगा दें, पर अब यूपी की सुखद तस्वीर देखने को मिलती है। अपराध को लेकर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ का सिद्धांत स्पष्ट है या तो अपराधी सुधर जाएं, या प्रदेश छोड़ दें नहीं तो उन्हें उनकी भाषा में समझाना भी योगी सरकार को बखूबी आता है और यही वजह है कि उत्तर प्रदेश में काफी हद तक अपराधों पर अंकुश लग चुका है। प्रदेश दंगों की विभीषिका से निकल कर नई मंजिलें तय कर रहा है। यूपी अब खेल खिलाड़ियों और उनके प्रदर्शन पर ज्यादा फोकस कर रहा है। उत्तर प्रदेश देश के प्रतिभावान खिलाडियों को बेहतर संसाधन उपलब्ध कराने के लिए संकल्पित है ताकि खिलाड़ी वैश्विक स्तर पर भारत का नाम रोशन कर सकें।

उत्तर प्रदेश ने कुश्ती को लिया गोद

कुछ दिन पहले खेल के लिहाज से एक सुखद समाचार मिला कि उत्तर प्रदेश सरकार ने कुश्ती की मदद करने का फैसला किया है। उत्तर प्रदेश ने 2032 तक इस खेल को गोद ले लिया है। इसके तहत यूपी सरकार कुश्ती फेडरेशन की मदद करेगी। यह मदद वैसे ही होगी जैसे अभी ओडिशा हॉकी की करता है।

टोक्यो ओलंपिक में भारतीय खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन के बाद आगामी ओलंपिक की तैयारी के लिए सरकारें आगे आने लगी हैं। भारतीय हॉकी टीम को जिस तरह से ओडिशा सरकार स्पॉन्सर कर रही है, अब उसी तरह उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने भी भारतीय कुश्ती को आगे बढ़ाने के लिए 2032 ओलंपिक तक इसे गोद ले लिया है।

170 करोड़ रुपये के निवेश की उम्मीद

योगी सरकार ने भारतीय कुश्ती को आगे बढ़ाने के लिए इस दौरान करीब 170 करोड़ रुपये खर्च करने का लक्ष्य रखा है। यह जानकारी भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के अध्यक्ष ब्रिजभूषण शरण सिंह ने दी। उन्होंने कहा कि कुश्ती खेल को गोद लेने वाली उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पहलवानों के समर्थन और बुनियादी ढांचों के लिये 2032 ओलंपिक तक 170 करोड़ रुपये का निवेश किये जाने की उम्मीद है।

योगी आदित्यनाथ ने सहर्ष स्वीकार किया

डब्ल्यूएफआई के शीर्ष अधिकारी ने कहा कि उन्होंने ओडिशा सरकार के हॉकी खेल के समर्थन देने के कदम से प्रेरणा लेकर उत्तर प्रदेश सरकार से अपने खेल के लिए इसी तरह की मदद की गुजारिश की।

ओडिशा छोटा राज्य है, फिर भी वह इतने शानदार तरीके से हॉकी का समर्थन कर रहा है तो हमने सोचा कि उत्तर प्रदेश कुश्ती का समर्थन क्यों नहीं कर सकता जबकि यह इतना बड़ा राज्य है। हमने उनसे संपर्क किया और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे सहर्ष स्वीकार कर लिया।“-ब्रिजभूषण शरण सिंह, अध्यक्ष, भारतीय कुश्ती महासंघ

प्रस्ताव में चरणबद्ध तरीके से की गई है मांग

प्रस्ताव में 2024 खेलों तक प्रत्येक वर्ष समर्थन के लिये 10 करोड़ रूपये (यानि 30 करोड़ रूपये) की मांग की गई है और फिर 2028 के अगले ओलंपिक चक्र के लिए प्रत्येक वर्ष 15 करोड़ रूपये (60 करोड़ रूपये) की मदद के लिये कहा गया है और अंतिम चरण में 2032 के लिये प्रत्येक वर्ष 20 करोड़ रूपये (80 करोड़ रूपये) के लिए कहा गया है।

सबको मिलेगा समान अवसर

यूपी आदित्यनाथ के इस पहल के बाद खिलाडियों को समान अवसर मिलने की पूरी उम्मीद है, क्योंकि योगी सरकार केंद्र सरकार की तरह सबका साथ सबका विकास सबका विश्वास के सिद्धांत पर चलती है, लिहाजा कुश्ती खिलाडियों को पारदर्शी तरीके से बेहतर सुविधाएं मुहैया हो पाएंगी। योगी सरकार का ट्रैक रिकॉर्ड भी उनके पारदर्शी और प्रतिबद्ध शासन की गवाही देता है।

खिलाडियों को दिया सम्मान, उत्तर प्रदेश को खेल में भी अग्रणी बनाने का योगी संकल्प

बीते दिनों ओलिंपिक खेलों के इतिहास में भारत के टोक्यो में श्रेष्ठ प्रदर्शन का जोरदार जश्न उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अटल बिहारी वाजपेयी इकाना इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में मनाया गया था। तिरंगे का मान बढ़ाने वाले खिलाड़ियों को उत्तर प्रदेश सरकार ने नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया। गोल्डन ब्वाय नीरज चोपड़ा और हॉकी की दोनो टीमों के साथ 50 से अधिक खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 42 करोड़ रुपये प्रदान किए। सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर उत्तर प्रदेश को खेल के क्षेत्र में भी अग्रणी राज्य बनाने का संकल्प लिया।

खेल प्रतिस्पर्धा को आगे बढ़ाने और खेलो इंडिया के तहत प्रदेश को अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। अब उत्तर प्रदेश सरकार ओलिंपिक खेल, कॉमनवेल्थ गेम्स, एशियन गेम्स, विश्व कप या विश्व चैंपियनशिप में पदक विजेता खिलाड़ियों को राजपत्रित पदों पर सीधी भर्ती प्रदान करेगी।“- योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश

योगी सरकार ने खिलाडियों को दिए कई तोहफे

इस आयोजन के दौरान योगी सरकार ने खिलाडियों को और भी उपहार दिए। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार ने ओलंपिक खेलों, राष्ट्रमंडल खेलों, एशियाई खेलों और विश्व कप व विश्व चैंपियनशिप में उत्तर प्रदेश के विजेता खिलाड़ियों को राजपत्रित पदों पर सीधी भर्ती के माध्यम से नियुक्ति प्रदान करने और पुलिस में भी उपाधीक्षक का पद देने के लिए सहमति दे दी है। साथ ही मेरठ में खुलने वाली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का नाम मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी होगा।

कोविड-19 महामारी के बीच हमारे खिलाड़ियों ने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया और अब तक के हमारे ओलंपिक इतिहास में भारत को सर्वाधिक पदक उपलब्ध कराने में जो योगदान दिया वह अविस्मरणीय है योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश

प्रदेश सरकार ने कुश्ती को गोद लिया है और लखनऊ में अकादमी खोली जाएगी जिसमें अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को तैयार किया जाएगा। साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार राज्य के हर गांव में एक खेल मैदान के निर्माण पर तेजी से काम कर रही है। सीएम योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रदेश के सभी आवासीय छात्रावास में खिलाड़ियों की डाइट मनी को 250 से बढ़ाकर 375 रुपये प्रतिदिन किया है। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल विभाग में सहायक प्रशिक्षक के 150 पद और प्रशिक्षकों के अन्य पद बढ़ाए जाएंगे। इसके अलावा अनुदान राशि बढ़ाने की भी घोषणा की गई।

यूपी देगा हरियाणा को हेल्दी कंपटीशन!

जब कोई प्रतिस्पर्धा स्वस्थ होती है तो उसकी बात ही कुछ और होती है जैसा कि उत्तर प्रदेश अब हरियाणा को दे सकता है। हरियाणा की धरती में पहलवान उभरते हैं। एक नहीं, बल्कि कई पहलवानों ने हरियाणा से निकलकर कुश्ती में देश का परचम लहराया है। अब उत्तर प्रदेश के पास एक अवसर है कि वो और भी ज्य़ादा पहलवानों को बेहतरीन प्लेटफॉर्म देकर उत्तर प्रदेश के साथ साथ देश का भी मान बढ़ा सके।

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