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प्रवासी श्रमिक और मजदूरों को बजट में मिली खास जगह

केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को 2021-22 का बजट पेश किया। बजट भाषण में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हर वर्ग के श्रमिकों के लिए मिनिमम वेज कोड लागू करने की घोषणा की है। यह प्रवासी और असंगठित श्रमिकों के लिए लॉन्च किया जाएगा। अनुमान है कि इससे देश के 50 करोड़ के करीब श्रमिकों को इसका लाभ मिलेगा।

पूर्ववर्ती सरकारों ने प्रवासी श्रमिक मजदूरों के साथ किया था सौतेला व्यवहार

COVID-19 महामारी एक मानवीय संकट था जिसने पूरी दुनिया को परेशानी में डाल दिया। इस दौरान प्रवासी श्रमिकों की चुनौतियां भी देखने को मिलीं, जिन्हें दशकों से देश के पिछले नेतृत्व द्वारा नजरअंदाज किया गया था। ये समझ से बाहर नजर आता है कि प्रवासी श्रमिकों की चुनौतियों को दूर करने के लिए कांग्रेस इतनी अनिच्छुक क्यों थी। यह बजट उन हाथों का भी ख्याल रखता है जो ईंट चुनकर भारत का निर्माण करते हैं।

वन नेशन वन राशन कार्ड योजना से मिला फायदा

पीएम मोदी ने वन नेशन वन राशन कार्ड योजना शुरू की, जिसके माध्यम से लाभार्थी देश में कहीं भी अपने राशन का दावा कर सकते हैं। इस योजना से विशेष रूप से लाभान्वित होने वाले प्रवासी श्रमिक हैं – अपने परिवार से दूर रहने वाले लोग जहां वो काम कर रहे हैं अपने राशन का आंशिक रूप से दावा वहीं कर सकते हैं शेष उनका परिवार, उनके मूल स्थानों में, बाकी राशन का दावा कर सकता है।

वन नेशन वन राशन कार्ड योजना 32 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में पहले से ही लागू है, जिसकी पहुंच लगभग 69 करोड़ लाभार्थियों तक है यानी 86% लाभार्थी हैं।

श्रमिकों के लिए विशेष पोर्टल

विशेष रूप से असंगठित प्रवासी श्रमिकों के प्रति प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए  बजट 2021 में एक पोर्टल लॉन्च करने का प्रस्ताव है जो गिग वर्कर्स, भवन, और निर्माण-श्रमिकों पर मौजूदा जानकारी एकत्र करेगा। इससे प्रवासी श्रमिकों के लिए स्वास्थ्य, आवास, कौशल, बीमा, ऋण और खाद्य योजनाओं को तैयार करने में मदद मिलेगी।

सभी श्रेणी के श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी लागू

कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए लागू लॉकडाउन के चलते कई फैक्ट्रियों और कंपनियों में ताले पड़ गए। इसका सबसे ज्यादा असर प्रवासी मजदूरों पर पड़ा। रोज कमाने खाने के चलते उनको दो वक्त की रोटी के लाले पड़ गए। ऐसे में मिनिमम वेज कोड में सुधार की मांग काफी समय से की जा रही थी। आखिरकार, वित्त वर्ष 2021-22 के बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतामरमण ने इसके विस्तार का फैसला किया। मिनिमम वेज कोड के तहत अब हर श्रेणी के श्रमिकों को इसका लाभ मिलेगा। उन्हें एक तय समय पर निश्चित रकम मिल सकेगी।

विश्व स्तर पर पहली बार सामाजिक सुरक्षा लाभ गिग और प्लेटफ़ॉर्म वर्कर्स के लिए विस्तारित होंगे। सभी श्रेणी के श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी लागू होगी और वे सभी कर्मचारी राज्य बीमा निगम द्वारा कवर किए जाएंगे।

महिलाओं को सुरक्षा के साथ समान अधिकार

महिलाओं को सभी श्रेणियों में और पर्याप्त सुरक्षा के साथ रात की पाली में भी काम करने की अनुमति होगी। एकल पंजीकरण व लाइसेंसिंग और ऑनलाइन रिटर्न के साथ नियोक्ताओं पर अनुपालन बोझ कम हो जाएगा।

अंत्योदय के लिए पीएम के जुनून का बानगी है ये बजट,  जो कतार में खड़े आखिरी व्यक्ति को लाभान्वित करता है।

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