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योजनाओं से लेकर पद्म सम्मान, बढ़ाया नारियों का आत्मसम्मान

कोई भी देश अपनी देश की महिलाओं को आगे बढ़ाए बिना आगे नहीं बढ़ सकता। मोदी सरकार महिलाओं के आत्मसम्मान का गौरव लौटाने के लिए प्रयासरत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार समय-समय पर महिलाओं के समग्र विकास के लिए तरह-तरह की योजनाएं लाती रही है। इसका सार्थक परिणाम आज समाज में महिलाओं की भूमिकाओं में कई तरह के बदलाव देखने को मिल रही है।

पिछले 6 वर्षों में देश में महिलाओं की भागीदारी हर क्षेत्र में बढ़ी है और आज शायद ही कोई ऐसा क्षेत्र होगा, जहां महिलाओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज न कराई हो। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर बात करते हैं मोदी सरकार की उन योजनाओं की, जो देश में महिला सशक्तिकरण को बल दे रहे हैं।

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ

22 जनवरी 2015 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की बेटियों का भविष्य उज्जवल बनाने के लिए बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना का शुभारंभ किया था। इस योजना का मुख्य उद्देश्य पक्षपाती लिंग चुनाव की प्रक्रिया को खत्म करना, बालिकाओं का अस्तित्व और सुरक्षा सुनिश्चित करना, बालिकाओं की शिक्षा सुनिश्चित करना, बालिकाओं को शोषण से बचाना, शिक्षा के माध्यम से लड़कियों को सामाजिक और वित्तीय रूप से स्वतंत्र बनाना है। शिक्षा के साथ–साथ बेटियों को अन्य क्षेत्रों में आगे बढ़ाने और उनकी भागीदारी को सुनिश्चित करना इस योजना का मुख्य लक्ष्य है। इस योजना के बाद पूरे देश में कन्या लिंगनुपात में बढ़ोतरी हुई है। कई राज्य जो बेटियों की संख्या में पीछे थे, तेजी से सुधार की ओर अग्रसर हुए।

सुकन्या समृद्धि योजना

सुकन्या समृद्धि योजना को 22 जनवरी 2015 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आरंभ किया गया। वे सभी माता-पिता, जो अपनी बेटी की पढ़ाई और शादी के लिए पैसे जमा करना चाहते हैं, इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। इस योजना के अंतर्गत बेटी के 14 वर्ष होने तक माता-पिता को धनराशि जमा करनी होगी। बेटी के 18 वर्ष के होने के बाद इस धनराशि का 50 फीसदी निकाला जा सकता है और बेटी के 21 वर्ष पूरा होने के बाद पूरी धनराशि निकाली जा सकती है।

सुरक्षित मातृत्व आश्वासन सुमन योजना

प्रसव के समय गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की सुरक्षा को देखते हुए सुरक्षित मातृत्व आश्वासन योजना शुरू की गई। इसके तहत गर्भवती महिलाओ को प्रसव के 6 महीने बाद और बीमार नवजात शिशुओं को निशुल्क स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ दिया जाता है। इस योजना के अंतर्गत अस्पतालों या प्रशिक्षित नर्स की निगरानी में प्रसव सुनिश्चित किया जाता है। प्रसव के समय होने वाला सारा खर्च सरकार द्वारा उठाया जाता है और प्रसव के बाद 6 महीने तक मां और बच्चे को निशुल्क दवाइयां भी उपलब्ध कराई जाती है। इस योजना के तहत गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित मातृत्व की गारंटी दी जाती है।

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना

देश की कई करोड़ आधी आबादी को धुएं में अपनी जिंदगी काटनी पड़ रही थी, लकिन भारत सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा चलाई जा रही उज्ज्वला योजना के बाद तस्वीर बदलने लगी। इस योजना का शुभारंभ 1 मई 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। स्वच्छ ईंधन, बेहतर जीवन के नारे के साथ शुरू की गई यह योजना एक धुंआरहित ग्रामीण भारत की परिकल्पना करती है और अब तक 7 करोड़ मुफ्त गैस सिलेंडर बांटने के लक्ष्य को पूरा कर नए लक्ष्य की ओर बढ़ रही है। इस योजना से महिलाओं में स्वास्थ्य संबंधी समस्या, वायु प्रदूषण और वनों की कटाई को कम करने में मदद मिल रही है।

 

फ्री सिलाई मशीन योजना

इस योजना का लाभ देश के शहरी और ग्रामीण, दोनों क्षेत्रों की आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को दिया जाता है। इसके अंतर्गत केंद्र सरकार द्वारा हर राज्य में 50000 के अधिक महिलाओं को निशुल्क सिलाई मशीन प्रदान की जाएगी।

मैटरनिटी लीव को बढ़ाना

मोदी सरकार ने एक अहम फैसला लेते हुए देश की लाखों कामकाजी महिलाओं को बड़ी सौगात दी। मातृत्व अवकाश को लेकर सरकार ने अहम निर्णय लिया। महिलाओं को मिलने वाले मातृत्व अवकाश की अवधि बढ़ा दी गई। पहले यह अवकाश 12 सप्‍ताह था, जिसे बढ़ाकर 26 सप्‍ताह कर दिया गया। यानी पहले यह 84 दिनों का था, जो अब बढ़ाकर 182 दिनों का कर दिया गया । यह अवधि आधे साल यानी 6 महीने की अवधि से भी अधिक है।

खत्म किया तीन तलाक का कलंक

ट्रिपल तलाक पर बना कानून, तलाक..तलाक..तलाक कहने पर जाना होगा जेल, भरना होगा जुर्माना। मोदी सरकार ने मुस्लिम हमिलाओं को तीन तलाक के कहर से बचाते हुए उन्हें कानूनी सुरक्षा प्रदान किया है।

मुद्रा योजना

मुद्रा योजना के जरिए महिलाएं लोन लेकर अपने कारोबार को गति दे रही हैं। देश की करोड़ों शहरी-ग्रामीण महिलाओं ने इस योजना का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर हो रही हैं और समाज के साथ-साथ देश को भी नई गति प्रदान कर रही हैं।

इसके अलावा बहुत सारी योजनाएं महिलाओं की बेहतरी के लिए लाई गई हैं और महिलाओं को लाभ प्रदान कर रही है।

पद्म पुरस्कार

इसके अलावा मोदी सरकार ने पद्म पुरस्कारों के लिए देश की आम और छोटे इलाके की महिलाओं को भी वरीयता दी है। महिला दिवस पर चर्चा देश की उन प्रेरणास्रोत महिलाओं की जिन्होंने अपने कार्यों से समाज के साथ-साथ देश का मान भी बढ़ाया है-

2021 के गणतंत्र पर  29 महिलाओं को पद्म पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। आइए जानते हैं उन पद्म पुरस्कार विजेता महिलाओं के बारे में…

1- सुमित्रा महाजन

अवॉर्ड- पद्म विभूषण

भारतीय पॉलिटीशियन सुमित्रा महाजन 2014-2019 तक लोक सभा स्पीकर रह चुकी हैं।

  1. 2- कृष्णण नायर शांतिकुमारी चित्रा

अवॉर्ड- पद्म विभूषण

कर्नाटक म्यूजिक को अपनी जिंदगी समर्पित करने वाली प्लेबैक सिंगर के एस चित्रा को उनके रीजनल म्यूजिक में योगदान के लिए ये अवॉर्ड मिला है।

 

3- भूरी बाई

अवॉर्ड- पद्मश्री

भील आर्ट को पूरे देश में प्रसिद्ध करने वाली मध्यप्रदेश की भूरी बाई को ये सम्मान मिला है। भूरी आर्ट्स की दुनिया में एक जाना माना नाम हैं जो झाबुआ की रहने वाली हैं।

 

4- पी अनीता

अवॉर्ड- पद्मश्री

चेन्नई की पी अनीता भारतीय महिला नेशनल बास्केटबॉल टीम की कैप्टन हैं और उनके नाम 30 से ज्यादा मेडल जीतने का रिकॉर्ड भी है।

 

5- रजनी बेक्टर

अवॉर्ड- पद्मश्री

पंजाब, लुधियाना की रजनी बेक्टर जो अपने छोटे किचन को एक बड़े बिक्सिट और ब्रेड प्रोडक्शन बिजनेस में तब्दील कर चुकी हैं। 79 साल की रजनी कई महिलाओं के लिए रोल मॉडल हैं।

 

6- लखमिनी बरुआ

अवॉर्ड- पद्मश्री

लखमिनी बरुआ असम की एक महिला बैंकर हैं जिन्हें महिला सशक्तिकरण और महिलाओं की जिंदगी में एक सफल बदलाव लाने के लिए ये अवॉर्ड दिया गया है।

7-संघखुमी बौलचुआक

अवॉर्ड- पद्मश्री

मिज़ोराम की सोशल वर्कर संघखुमी ने मीज़ो सोसाइटी के लिए काम किया और उनके लिए कई पॉलिसीज के लिए लड़ाई की।

8-प्रकाश कौर

अवॉर्ड- पद्मश्री

जालंधर की प्रकाश कौर ने करीब 80 अनाथ और त्याग दी गई लड़कियों की देखरेख की और उन्हें सही दिशा दिखाई।

 

9- बिरुबाला रभा

अवॉर्ड – पद्मश्री

असम की बिरुबाला असम में चुड़ैल बनाए जाने की प्रथा और महिलाओं पर अत्याचार के विरुद्ध काम कर रही हैं।

 

10- छुटनी देवी

अवॉर्ड- पद्मश्री

झारखंड की चुटनी देवी को उनके गांव वालों ने डायन करार दे दिया था पर उन्होंने हार नहीं मानी और समाज की बुराई के खिलाफ लड़ीं और लोगों की मदद की।

 

11- राधे देवी

अवॉर्ड- पद्मश्री

राधे देवी मनीपुर की ट्रेडिशनल ब्राइडल वियर डिजाइनर हैं जो पोटलोई बनाती हैं। इसमें वो मनीपुरी कला का प्रदर्शन करती हैं।

 

12- सिंधुताई सपकल

अवॉर्ड – पद्मश्री

सिंधुताई को ‘माई’ नाम से भी संबोधित किया जाता है। सिंधुताई सपकल करीब 1000 अनाथ बच्चों की मां हैं।

 

13- दुलारी देवी

अवॉर्ड- पद्मश्री

बिहार की दुलारी देवी को सोशल वर्क के लिए ये अवॉर्ड मिल रहा है। मधुबन जिले के रांटी गांव की दुलारी देवी पढ़ी-लिखी नहीं हैं, लेकिन मधुबनी पेंटिंग को उन्होंने दुनियाभर में शोहरत दिलाई है।

 

14- अंशू जामसेनप्पा

अवॉर्ड- पद्मश्री

अंशू जामसेनप्पा एक भारतीय पर्वतारोही हैं और वो पहली महिला हैं जो एक ही सीजन में दो बार माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई कर चुकी हैं। साथ ही साथ सबसे तेज़ डबल सम्मिट अडेंड करने वाली पर्वतारोही हैं जिन्होंने ये काम सिर्फ 5 दिनों में किया।

 

15- पूर्णमासी जानी

अवॉर्ड- पद्मश्री

ओड़िशा की पूर्णमासी जानी को कला के क्षेत्र में उनके प्रदर्शन के लिए ये पुरुस्कार मिला है। बिना किसी पढ़ाई के भी 50 हज़ार से ज्यादा भक्ति गीत उन्होंने उड़िया, कुई और संस्कृति में लिखे और गाए हैं।

 

16- शांति देवी

अवॉर्ड- पद्मश्री

ओड़िशा की शांति देवी को कोरापुटिया गांधी के नाम से जाना जाता है। ये विनोबा भावे के आंदोलन से प्रेरित होकर खुद सोशल वर्क में आगे हैं और अनाथ बच्चों और परेशान महिलाओं के लिए काम करती हैं।

17- नीरू कुमार

अवॉर्ड- पद्मश्री

सोशल वर्क के क्षेत्र से जुड़ी नीरू कुमार दिल्ली से हैं। वो लंबे समय से अपने काम के प्रति समर्पित हैं।

 

18- लाजवंती

अवॉर्ड- पद्मश्री

लाजवंती जी 67 साल की हैं और पटियाला के त्रिपुरी जिले में रहती हैं। उन्होंने पंजाबी फुलकारी की कला को जीवंत किया है और उसी क्षेत्र में काम करती हैं।

 

19- माता बी. मनजम्मा जोगती

अवॉर्ड- पद्मश्री

फोक आर्ट्स की दुनिया में मनजम्मा जोगती एक जाना माना नाम हैं। उन्होंने खुद को बतौर ट्रांसजेंडर साबित करने और अपनी पहचान ढूंढने में पूरी जिंदगी बिता दी और अब कर्नाटक जनपदा अकादमी की प्रेसिडेंट हैं।

 

20- संजीदा खातून

अवॉर्ड- पद्मश्री

संजीदा खातून बंगलादेशी म्यूजिकोलॉजिस्ट हैं। वो बंगलादेश मुक्ति संग्रामी शिल्पी संस्था की फाउंडर भी हैं और सोशल वर्क, आर्ट्स और कल्चर के क्षेत्र में जाना माना नाम हैं।

 

21- जस्वंतिबेन जमनादास पोपट

अवॉर्ड- पद्मश्री

लिज्जत पापड़ की एक फाउंडर जस्वंतिबेन को कई लोग जानते हैं। 80 रुपए और 4 पैकेट पापड़ से अपनी 6 सहेलियों के साथ लिज्जत पापड़ की शुरुआत करने वाली जस्वंतिबेन ने अपनी कंपनी शुरू कर दी थी।

 

22- बॉम्बे जयश्री रामनाथ

अवॉर्ड- पद्मश्री

कोलकाता से आने वाली जयश्री 58 साल की हैं और क्लासिकल म्यूजिक और फिल्म वर्ल्ड का जाना माना नाम हैं। उन्होंने 1982 में अपना पहला म्यूजिक कॉन्सर्ट रखा था और उसके बाद से उन्होंने कभी पलट कर नहीं देखा।

23- पप्पाम्मल

अवॉर्ड- पद्मश्री

105 साल की पप्पाम्मल सबसे ज्यादा उम्र की पद्मश्री अवॉर्डी हैं। कोयंबटूर तमिलनाडु से आने वाली पप्पाम्मल खेती के क्षेत्र में बहुत आगे हैं और वो कई पीढ़ियों की रोल मॉडल हैं। वो कई खेती से जुड़े इवेंट्स में भी हिस्सा लेती हैं।

24- मौमा दास

अवॉर्ड- पद्मश्री

टेबल टेनिस प्लेयर मौमा दास को भी इस बार पद्म अवॉर्ड से सम्मानित किया दया है। उन्होंने कई बार भारत को ऊंचाई पर पहुंचाया है और अपने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन किया है।

 

25- निदूमुलु सुमथी

अवॉर्ड- पद्मश्री

निदूमुलु एक बहुचर्चित मृदंगवादक हैं और वो ऑल इंडिया रेडियो के साथ भी काम कर चुकी हैं। उन्होंने भारत और विदेशों में कई म्यूजिक कॉम्पटीशन में हिस्सा लिया है और अपने म्यूजिक से देश का नाम रौशन किया है।

 

26- सुधा हरी नारायण सिंह

अवॉर्ड- पद्मश्री

भारतीय एथलीट सुधा हरी नारायण सिंह को भी पद्मश्री अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। वो लॉन्ग डिस्टेंस रनर हैं जो कई नेशनल और इंटरनेशनल कॉम्पटीशन में हिस्सा लेती हैं।

 

27- गुरु मां कमली सोरेन

अवॉर्ड- पद्मश्री

पश्चिम बंगाल की सोशल वर्कर कमली सोरेन को भी इस साल पद्मश्री अवॉर्ड मिला है। वो बेहद गरीब घर से थीं, लेकिन कभी अपने काम से पीछे नहीं हटीं। मालदा के लोगों के लिए कमली सोरेन ‘गुरु मां’ ही हैं।

 

28- मृदुला सिन्हा

अवॉर्ड- पद्मश्री (मरणोपरांत)

मृदुला सिन्हा भारतीय लेखिका और राजनीतिज्ञ रह चुकी हैं। वो गोवा की पहली महिला राज्यपाल रह चुकी हैं और बीजेपी महिला मोर्चा की पूर्व प्रेसिडेंट भी।

 

29- ऊषा यादव

अवॉर्ड- पद्मश्री

कानपुर की ऊषा यादव को लिट्रेचर और एजुकेशन के क्षेत्र में ये अवॉर्ड दिया गया है। वो बतौर लेखिका काफी प्रसिद्ध हैं और कक्षा 9 से ही उनकी लिखी कविताएं प्रकाशित होती आई हैं।

ये है मोदी सरकार में महिला शक्ति का परचम, जो पूरे देश में तो लहरा ही रहा है विश्व में भी भारत का नाम बढ़ा रही हैं देश की महिलाएं। मोदी सरकार आधी आबादी के पूरे अधिकार के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है।

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