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देश- प्रदेश की अर्थव्यवस्था में स्ट्रीट वेंडर्स महत्वपूर्ण, पीएम स्वनिधि से बदले हालात

‘’गरीब के नाम पर राजनीति करने वालों ने देश में ऐसा माहौल बना दिया था कि गरीब को लोन दे दिया तो वो पैसा लौटाएगा ही नहीं। लेकिन मैं फिर कहता हूं कि हमारे देश का गरीब आत्मसम्मान और ईमानदारी से कभी भी समझौता नहीं करता है।‘’ – पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब कहते हैं कि पीएम स्वनिधि योजना ने गरीब के श्रम को सहयोग दिया है। रेहड़ी-पटरी वाले साथी फिर से अपना काम शुरू कर आत्मनिर्भर होकर आगे बढ़ रहे हैं। स्ट्रीट वेंडर के लिए बिना गारंटी के ऋण की इस तरह की योजना आजादी के बाद पहली बार बनी है तो इसके मायने भी हैं।

दो उदाहरणों से समझिए

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 अक्टूबर को सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी योजनाओं में शामिल ‘पीएम स्ट्रीट वेंडर स्वनिधि’ के तहत उत्तर प्रदेश के लाभार्थियों के साथ आभासी संवाद कर रहे थे।

इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने आगरा की प्रीति से बात की। प्रीति ने बताया कि लॉकडाउन के समय उन्हें काफी परेशानी हुई। नगर निगम की तरफ से उन्हें मदद मिली और फिर से उन्होंने अपने काम शुरू किया।

वाराणसी के पीएम स्वनिधि लाभार्थी अरविंद से संवाद के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूछा कि आपको कैसे मदद मिली। इसपर अरविंद ने बताया कि केवल आधार कार्ड से ही मुझे लोन मिल गया और फिर मेरा काम शुरू हो गया।

क्या देश के इतिहास में ऐसी कोई योजना आई है, जो एक पहचान पत्र पर व्यापार के लिए इस तरह के ऋण की सहायता कर सके!  यही खूबी है आत्मनिर्भर भारत योजना या पीएम स्वनिधि योजना की।

क्या है पीएम स्वनिधि योजना
  • देश में पहली बार रेहड़ी-पटरी, ठेले वालों के रोजगार के लिए लोन की व्यवस्था
  • आजीविका कमाने में आत्मनिर्भर बनाने के लिए शुरू की योजना
  • स्ट्रीट वेंडर, हॉकर, ठेलेवाले, रेहड़ीवाले, आदि सहित करोड़ों लोगों को लाभ मिलेगा
  • स्ट्रीट वेंडर्स को 10,000 रुपये का आसान एकमुश्त लोन
  • आत्मनिर्भर भारत अभियान को मिल रही है गति
कोरोना संकट को ध्यान में रखकर शुरु हुई योजना

कोरोना संकट को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 1 जून 2020 को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में ये संवेदनशील फैसला लिया गया। आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने स्ट्रीट वेंडर्स के लिए पीएम स्व-निधि यानी प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि शुरू की। इस योजना से स्ट्रीट वेंडर, हॉकर, ठेले वाले, रेहड़ी वाले, ठेली फल वाले सहित करोड़ों लोगों को फायदा मिलेगा।

स्ट्रीट वेंडर्स द्वारा आपूर्ति की जाने वाली वस्तुओं में सब्जियां, फल, तुरंत खाने के लिए तैयार खाना, चाय, पकौड़े, ब्रेड, अंडे, कपड़े, जूते, कारीगर उत्पाद, किताबें-स्टेशनरी आदि शामिल हैं। सेवाओं में बाल काटने की दुकानें, जूतों की मरम्मत करने वाले, पान की दुकानों व कपड़े धोने की दुकानों को शामिल किया गया है। इससे ये लोग कोरोना संकट के समय अपने कारोबार को नए सिरे से खड़ा कर आत्मनिर्भर भारत अभियान को गति रहे हैं। वेंडर 10 हजार रुपए तक के लोन का लाभ उठाकर अपने व्यापार को गति दे रहे हैं और एक वर्ष में मासिक किस्तों में आसानी से चुका रहे हैं।

इस लोन को समय पर चुकाने वाले स्ट्रीट वेंडर्स को सात फीसदी का वार्षिक ब्याज सब्सिडी के तौर पर उनके अकाउंट में सरकार की ओर से ट्रांसफर किया जा रहा है। इस स्कीम के तहत जुर्माने का कोई प्रावधान नहीं है। इस योजना के लिए मोबाइल ऐप और वेब पोर्टल आधारित आवेदन प्रक्रिया है। इस लोन के लिए किसी तरह के गारंटी की जरूरत नहीं है। पहले लोन के समय पर और जल्द भुगतान की स्थिति में अधिक लोन की पात्रता भी है।

यह पहली बार है कि एमएफआई-गैर वित्तीय बैंकिंग संस्थान- स्वयं सहायता समूह बैंकों को उनके जमीनी स्तर के उपस्थिति और सड़क पर माल बेचने वालों सहित शहरी गरीबों के साथ निकटता के कारण शहरी गरीबों को इस योजना में अनुमति दी गई है।

उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में स्ट्रीट वैंडर्स की बड़ी भूमिका

पीएम स्वनिधि योजना से लोग अपनी आवश्यकता भी पूरी कर रहे हैं और कमाई कर रहे हैं। यूपी से पलायन कम करने में भी पीएम स्वनिधि योजना का योगदान है। अब तक 25 लाख आवेदन देश भर से मिले। 12 लाख को स्वीकृति मिली है। वहीं पीएम स्वनिधि योजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश में अब तक 7 लाख से अधिक पटरी व्यवसायियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। अब तक 3.70 लाख से अधिक पटरी व्यवसायियों के ऋण स्वीकृत हुए हैं।

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