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पोषण 2.0 और स्वस्थ भारत, आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2021-22 का बजट पेश किया। कोरोना महामारी और उसके बाद आर्थिक संकट के कारण यह बजट बहुत महत्वपूर्ण हो गया है। बजट में सरकार का फोकस स्वास्थ्य, इंफ्रास्ट्रक्चर और रिफॉर्म के जरिए अर्थव्यवस्था को बूस्ट देने पर रहा. बजट में कई नई योजनाओं का भी एलान किया गया है।

2014 के बाद से पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत वैश्विक मोर्चे पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। एक स्वस्थ नागरिक ही एक स्वस्थ राष्ट्र के लिए अपना अमूल्य योगदान दे सकता है। कम उम्र में होने वाली दुर्बलताएं श्रम शक्ति उत्पादकता को प्रभावित करती हैं। जो लोग कुपोषित हैं या जीवन के विभिन्न पहलुओं में उपेक्षा से ग्रस्त हैं, वे समाज के उत्पादक सदस्य बनने के अवसरों से गायब हो जाते हैं।

कुपोषण से जंग जारी

हमारा देश अपने आर्थिक और सामाजिक विकास के लक्ष्यों को पूरा करने की ओर अग्रसर है, पर कुपोषण एक ऐसा क्षेत्र है जिस पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है। देश में हर साल होने वाली 1.3 मिलियन में से लगभग आधी मौतें पांच साल से कम उम्र के बच्चों में कुपोषण के कारण होती हैं।

पीएम मोदी ने लॉन्च किया था पोषण अभियान

पोषण सामग्री, वितरण, पहुंच और परिणाम को मजबूत करने के लिए स्वयं पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा 2018 में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर राजस्थान के झुंझुनू में पोषण अभियान को लॉन्च किया गया था। पोषण (समग्र पोषण के लिए प्रधानमंत्री की महत्वपूर्ण योजना) अभियान कुपोषण की समस्या की ओर देश का ध्यान आकर्षित करता है साथ ही इसे मिशन-मोड में संचालित किया गया। पोषण अभियान को मिली सफलता, विशेष रूप से पोषण माह जिसमें व्यापक विषयवस्तु से लेकर प्रसवपूर्व देखभाल, सर्वोत्कृष्ट स्तनपान (प्रारंभिक और अनन्य), पूरक आहार, एनीमिया, विकास की निगरानी, लड़कियों की शिक्षा, आहार, विवाह की सही उम्र, स्वच्छता और स्वस्थ आहार शामिल है। बजट 2021 में पोषण 2.0 की घोषणा की गई ।

बनेगी गहन रणनीति

पोषण 2.0 पूरक पोषण कार्यक्रम और पोषण अभियान का विलय करेगा और मिशन पोषण 2.0 को लॉन्च करेगा। 112 आकांक्षी जिलों में पोषण परिणामों को बेहतर बनाने के लिए एक गहन रणनीति अपनाई जाएगी।

आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना

एक नई केंद्र प्रायोजित योजना पीएम आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना 6 वर्षों में लगभग 64,180 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ शुरू की जाएगी। यह प्राथमिक, माध्यमिक और तृतीयक देखभाल स्वास्थ्य प्रणालियों की क्षमता विकसित करेगा, मौजूदा राष्ट्रीय संस्थानों को मजबूत करेगा, और नए और उभरते रोगों का पता लगाने और इलाज के लिए नए संस्थानों का निर्माण करेगा। यह राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अतिरिक्त होगा। केंद्र सराकर द्वारा स्वास्थ्य सेवा की ओर आवंटन में 137% की वृद्धि की गई है!

पीएम नरेंद्र मोदी देश के स्वास्थ्य के साथ साथ देशवासियों के स्वास्थ्य को भी बेहतर करने के प्रयास में जुटे हैं इसलिए बजट में स्वास्थ्य को वरीयता दी गई है। देशवासी बनेंगे स्वस्थ भारत के लिए स्वस्थ नागरिक!

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