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आगाज अच्छा है तो अंजाम भी अच्छा होगा: पीएम मोदी की दूसरी पारी

Modi government 2.0

दुबारा सत्ता संभालते ही प्रधानमंत्री मोदी पूरे एक्शन में नजर आ रहे हैं। उन्होंने अपने दूसरे कार्यकाल की शुरूआत किसानों और दुकानदारों को पेंशन और सेना के जवानों के बच्चों को मिलने वाली स्कालरशिप में बढ़ोतरी से की । उसके तुंरत बाद ही प्रधानमंत्री ने छह कैबिनेट कमेटियों का पुनर्गठन किया और दो नई कैबिनेट कमेटी की स्थापना की । कुल मिलाकर इन आठ कैबिनेट कमेटियों से विभिन्न मंत्रालयों को जोड़कर प्रधानमंत्री ने अपनी दूसरी पारी में एक निर्णायक सरकार का काम काज शुरू कर दिया। इन सभी कैबिनेट कमेटियों के साथ उनके मंत्रिमंडल के लगभग सभी वरिष्ठ सहयोगी शामिल हैं। जिनमें गृहमंत्री अमित शाह, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, वित्तमंत्री डॉ निर्मला सीतारमण और परिहवन मंत्री नितिन गडकरी प्रमुख रूप से शामिल हैं।

प्रधानमंत्री मोदी की इस नई पहल की सबसे खास बात रही दो नई कैबिनेट कमेटी का गठन। एक है इनवेस्टमेंट एंड ग्रोथ की कैबिनेट कमेटी और दूसरी एम्पलायमेंट एंड स्किल डेवेलपमेंट की (रोजगार एवं कौशल विकास )। स्पष्ट है कि प्रधानमंत्री मोदी ने इस सरकार की प्राथमिकताओं पर पहले दिन से ही काम शुरू कर दिया। इसके अलावा जिन कैबिनेट कमेटियों का पुनर्गठन किया गया वे हैं- कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनोमिक अफेयर्स, कैबिनेट  कमेटी ऑन पालिटिकल अफेयर्स, कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी, कैबिनेट कमेटी ऑन पार्लियामेंट अफेयर्स, कैबिनेट कमेटी ऑन एकोमोडेशन और कैबिनेट कमेटी ऑन अप्वायंटमेंट्स है।

इनवेस्टमेंट एंड ग्रोथ यानी निवेश और विकास पर बनी कैबिनेट कमेटी दरअसल मोदी सरकार की अपनी अनोखी पहल है। इसके पहले की सरकारों में इस तरह की कैबिनेट कमेटी अलग से नहीं बनी थी। प्रधानमंत्री के उस विजन को अमली जामा पहनाये जाने की शुरूआत है जिसमें नरेंद्र मोदी ने जनता से वादा किया है कि अगले 5 साल में देश की जीडीपी है 3 अरब डालर से बढ़ाकर 5 अरब डालर करना है। केबिनेट कमेटी ऑन इनवेस्टमेंट एंड ग्रोथ के गठन के पीछे यही उद्देश्य है कि देश में निवेश और विकास के अनुरूप माहौल बनाया जा सके। विदेशी निवेशकों के साथ साथ निजी क्षेत्र के निवेशकों को प्रोत्साहित किया जा सके ,ताकि आर्थिक गतिविधियां तेजी से बढ़ सके और कम से कम समय में देश की जीडीपी दुगनी हो सके। तभी तो इस कमेटी का दायरा बहुत विस्तृत रखा गया है। कैबिनेट कमेटी ऑन इनवेस्टमेंट एंड ग्रोथ में खुद प्रधानमंत्री शामिल हैं। उनके अलावा गृहमंत्री अमित शाह, वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण, भूतल परिवहन व राष्ट्रीय राजमार्ग, माइक्रो, स्मॉल एवं मीडियम एंटरप्राइजेज मंत्री नितिन गडकरी, वाणिज्य व रेल मंत्री पीयूष गोयल भी शामिल हैं। इस कैबिनेट कमेटी में शामिल मंत्रालयों को देखकर यह स्पष्ट अंदाज हो सकता है कि प्रधानमंत्री हर संभावित क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को तेजी से बढ़ाने के प्रति गंभीर हैं। चाहे वह इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र हो या व्यापार व उद्योग या फिर एमएसएमई। जब देश की अर्थव्यवस्था के सारे पहिये एक साथ घूमेंगे तो लक्षित विकास दर हासिल होगी ही।

दूसरी महत्वपूर्ण नई कैबिनेट कमेटी एम्पलायमेंट एवं स्किल डेवलपमेंट की है । प्रधानमंत्री मोदी की यह विशेष पहल यह बताती है कि सरकार रोजगार व कौशल विकास के प्रति कितनी गंभीर है। इस कमेटी का गठन यह भी बताता है कि सरकार निवेश और विकास के साथ साथ बड़े पैमाने पर रोजगार का सृजन भी चाहती है। जॉब लेस ग्रोथ नहीं बल्कि जॉब ओरिएंटेड ग्रोथ पर सरकार काम करना चाहती है।

हम कई साल से यह कहते आ रहे हैं कि देश की जनसंख्या का 65 प्रतिशत युवा है और इसका देश को बहुत लाभ पहुंच सकता है। लेकिन हम इस पर बात तो बहुत करते आ रहे हैं लेकिन काम कुछ ज्यादा नहीं किया। पहली बार प्रधानमंत्री मोदी ने ही जनसंख्या के इस हिस्से को देश की प्रगति और रोजगार के अवसर सृजन करने के लिए उपयोगी बनाया। अपने पहले कार्यकाल में भी प्रधानमंत्री मोदी ने अलग से कौशल विकास मंत्रालय का गठन कर युवा वर्ग को प्रशिक्षण व पूंजी उपलब्ध कराया। अब दूसरे कार्यकाल में भी रोजगार एवं कौशल विकास पर एक कैबिनेट कमेटी बनाकर प्रधानमंत्री मोदी ने स्वरोजगार के क्षेत्र में एक बहुत बड़ी पहल की है। इस कैबिनेट कमेटी में ग्रामीण विकास मंत्री एवं कृषि मंत्री को भी शामिल किया गया है ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में भी बड़े पैमाने पर रोजगार का सृजन किया जा सके। इनके अलावा मानव संसाधन व कौशल विकास मंत्री भी इस कमेटी के सदस्य हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने पहले ही यह घोषणा की है कि कृषि और ग्रामीण ढ़ाचागत विकास पर सरकार काफी निवेश करने जा रही है। इसलिए इस क्षेत्र में रोजगार की भी बड़ी संभावनाएं हैं।

कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी

जिन कैबिनेट कमेटियों का पुनर्गठन किया गया उनमें कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी बहुत महत्वपूर्ण है। महत्वपूर्ण इसलिए कि इस कमेटी में गृहमंत्री के रूप में अतिम शाह शामिल हुए हैं तो रक्षा मंत्री के रूप में राजनाथ सिंह। इन दोनों मंत्रियों का देश की सुरक्षा के प्रति काफी अनुभव है और इनका खुद का प्रदर्शन बहुत शानदार रहा है। इसके अतिरिक्त वित्त्मंत्री निर्मला सीतारमण और नौकरशाह से विदेशमंत्री बने एस जयशंकर शामिल हैं। एस जयशंकर को न सिर्फ विदेश मामले का विशेषज्ञ समझा जाता है, बल्कि वे देश की सुरक्षा से जुड़े विषयों पर भी महारत रखते हैं। जाहिर है इन सभी के इस कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी में शामिल होने से देश की सुरक्षा मजबूत हाथों में होगी।

कैबिनेट कमेटी ऑन पोलिटिकल अफेयर्स

प्रधानमंत्री की अघ्यक्षता में बनी कैबिनेट कमेटी ऑन पोलिटिकल अफेयर्स देश में राजनीतिक रूप से संवदेशनशील मुद्दों पर एक साथ मिलकर काम करने की पहल है। मोदी सरकार ने अपने इस दूसरे कार्यकाल के लिए जो लक्ष्य निर्धारित किए हैं उनमें किसानों की आय को दुगनी करना, एमएसएमई क्षेत्र की गतिविधियों को बढ़ाना और देश में रोजगार के नए अवसर पैदा करना। जाहिर है इन सभी लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए सभी प्रमुख मंत्रालयों को एक साथ मिलकर काम करना पड़ेगा। कैबिनेट कमेटी ऑन पोलिटिकल अफेयर्स में जिन मंत्रियों को शामिल किया गया है, उनमें खाद्य प्रसंस्करण, वाणिज्य एवं उद्योग, भारी उद्योग, कृषि और एमएसएमई मंत्रालय शामिल हैं। किसानों की आय दुगनी करने में कृषि मंत्रालय के साथ साथ खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय की भी अहम भूमिका होगी। इसी तरह रोजगार के सृजन में एमसएमई और वाणिज्य व उद्योग मंत्रालयों का भी पूरा योगदान होगा।

दूसरी पारी के अपने पहले संसदीय समिति की बैठक में भाग लेते हुए प्रधानमंत्री ने कहा था कि मेरा एक एक पल देश के काम आएगा वह अब उनके एक्शन में भी दिखाई देता है। सरकार बिना कोई समय जाया कर अपने लक्ष्यों को साधने में जुट गई है। देश की 130 करोड़ जनता के लिए यह सुखद समाचार है।

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