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एक देश एक राशन कार्ड- अंत्योदय का अन्नपूर्णा अभियान संपूर्णता के मार्ग पर

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30 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के नाम अपने संबोधन में एक महत्वपूर्ण निर्णय साझा किया। संबोधन में पीएम मोदी ने एक राष्ट्र एक राशन कार्ड की बात की। अपने संबोधन में वन नेशन वन राशन कार्ड को लेकर पीएम मोदी ने कहा कि, ‘पूरे भारत के लिए हमने सपना देखा है। कई राज्यों ने अच्छा काम किया है। बाकी राज्यों से भी हम आग्रह कर रहे हैं कि काम आगे बढ़ाएं। यह काम है, पूरे देश के लिए एक राशन कार्ड की व्यवस्था करना। यानी एक देश, एक राशन कार्ड।’

14 मई को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी आर्थिक पैकेज की घोषणा करते समय एक देश एक राशन कार्ड की चर्चा की थी।

दरअसल, यह योजना पूरे देश में जून महीने में लागू की जानी थी लेकिन कोरोना महामारी के कारण ऐसा नहीं हो पाया। फिलहाल यह योजना देश के 17 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में लागू है। वहीं अगस्त 2020 तक तीन और राज्य उत्तराखंड, नागालैंड और मणिपुर भी इस सुविधा से जुड़ जाएंगे। योजना के तहत 17 राज्यों में राशन कार्ड लाभार्थियों को राष्ट्रीय और अंतरराज्यीय पोर्टेबिलिटी के तहत राशन की दुकानों से जून 2020 से अनाज मिलना शुरु हो गया है।

भारत के लिए एक राशन-कार्ड यानी एक देश एक राशन कार्ड की व्यवस्था होने जा रही है। इससे सबसे बड़ा लाभ उन गरीब साथियों को मिलेगा, जो रोजगार या दूसरी आवश्याकताओं के लिए अपना गांव छोड़कर कहीं और जाते हैं। पीएम मोदी

एक राष्ट्र एक राशन कार्ड क्या है?

अगर कोई व्यक्ति कमाने के लिए किसी और राज्य या जिले में जाता है तो वहां उसके राशन कार्ड का कोई उपयोग नहीं हो पाता। ऐसे में प्रवासी श्रमिकों को बहुत तकलीफ़ होती है। ‘वन नेशन, वन राशनकार्ड’ इसी समस्या को दूर करने की कोशिश है, जिससे हर किसी को कहीं भी राशन उपलब्ध कराया जा सकता है।

वन नेशन वन राशन कार्ड योजना से व्यक्ति देश के किसी भी हिस्से में किसी भी राशन की दुकान से अपने कार्ड पर राशन ले सकता है। लाभार्थियों को अपना पुराना राशन कार्ड वापस नहीं करना होगा और पुराने कार्ड की जगह नया राशन कार्ड बनवाना होगा।

‘इसे ऐसे समझिए कि किसी व्यक्ति का घर उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में है और वो काम करने के लिए पंजाब के लुधियाना में जाता है तो वन नेशन वन राशन कार्ड व्यवस्था लागू होने के बाद उसे लुधियाना में भी सब्सिडी पर राशन मिल सकेगा।‘

नेशनल फ़ूड सिक्यॉरिटी ऐक्ट  2013 के मुताबिक वन नेशन वन राशन कार्ड द्वारा भारत में 81 करोड़ लोग सब्सिडाइज़्ड कीमतों पर अनाज खरीद सकते हैं और अब तक 23 करोड़ लोगों को यह राशन कार्ड जारी किए जा चुके हैं।

इससे क्या होगा फायदा?

एक देश एक राशन कार्ड लागू होने के बाद गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले लोग सब्सिडी दर पर देश के किसी भी कोने में राशन खरीद सकते हैं। इससे गरीबों को आसानी से सस्ती कीमत पर अनाज मिल जाएगा। राशन के लिए अपने जिले पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा, बल्कि देश में कहीं भी राशन आसानी से उपलब्ध हो जाएगा। इस योजना के लागू होने के बाद उन लोगों को सबसे ज्यादा फायदा होगा जो प्रवासी हैं और काम की तलाश में अपने गांव को छोड़कर दूसरे राज्यों में जा बसे हैं। ऐसे में उन्हें उनके गांव में बने राशन कार्ड से देश के किसी भी शहर में राशन ले सकेंगे।

कैसे बन सकते हैं लाभार्थी और कौन कर सकता है आवेदन ?

अगर यह योजना आपके गांव या शहर में लागू है तो आप इस योजना का लाभ लेते हुए इसके तहत राशन कार्ड बनवा सकते हैं। इसके बाद इस योजना का फायदा लेने के लिए आपके पास राशन कार्ड और आधार कार्ड होना जरूरी है। भारत के नागरिक इस राशन कार्ड के लिए अप्लाई कर सकते हैं। माता-पिता के राशन कार्ड में 18 साल से कम उम्र के बच्चों को जोड़ा जाएगा।

इस सरकारी योजना के तहत पीडीएस के लाभार्थियों की पहचान उनके आधार कार्ड पर इलेक्ट्रॉनिक प्वाइंट ऑफ सेल (PoS) से की जाएगी। देश में इस योजना को लागू करने के लिए सभी पीडीएस दुकानों पर पीओएस मशीनें लगाई जाएंगी। जैसे ही राज्य सभी पीडीएस दुकानों पर पीओएस मशीन की रिपोर्ट देंगे, वैसे ही उन्हें ‘एक देश, एक राशन कार्ड’ योजना में शामिल कर लिया जाएगा।

अगर किसी अन्य राज्य में आप राशन लेना चाहते हैं तो आपका वेरिफिकेशन आधार नंबर के आधार पर किया जाएगा। राशन दुकान पर एक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस ऑफ सेल की मदद से लाभार्थी का वेरिफिकेशन होगा। इसके लिए आधार कार्ड और राशन कार्ड की जरूरत होगी।

उपभोक्‍ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के अनुसार राशन कार्ड से जुड़ी वन नेशन, वन कार्ड योजना के तहत अब तक यह सुविधा आंध्र प्रदेश, बिहार, दादरा और नगर हवेली, दमन और दीव, गोवा, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, केरल, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, पंजाब, तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान जैसे 17 राज्यों-केंद्रशासित प्रदेशों में उपलब्ध कराई गई है।

मोदी सरकार वन नेशन वन राशन कार्ड पर जिस रफ्तार के काम कर रही है मार्च 2021 तक देशभर में इस योजना के पूरी तरह लागू हो जाने की उम्मीद जताई जा रही है।

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