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भारत ने 1 दिन में 1 करोड़ से ज्यादा टीके लगाकर रचा इतिहास!

16 जनवरी 2021 का वो दिन जब भारत ने विश्व के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान की शुरुआत की थी। उस दिन पीएम मोदी ने क्या कहा था पहले उस पर नजर डालते हैं-

इतिहास में इतने बड़े स्तर का टीकाकरण कभी नहीं चला। ये अभियान इतना बड़ा है कि इसका अंदाजा पहले चरण से ही लगाया जा सकता है। दुनिया के 100 से भी ज्यादा ऐसे देश हैं जिनकी जनसंख्या 3 करोड़ से भी कम है और भारत पहले चरण में ही तीन करोड़ लोगों का टीकाकरण कर रहा है। दूसरे चरण में इस अभियान को 30 करोड़ तक ले जाना है। बुजुर्ग और गंभीर बीमारियों वालों को अगले चरण में टीकाकरण किया जाएगा।

ये अभियान भारत के सामर्थ्य को दिखाता है। मैं देशवासियों को एक बात कहना चाहता हूं कि हमारे वैज्ञानिक जब वैक्सीन को लेकर आश्वस्त हुए तभी इसकी इमरजेंसी यूज की अनुमति दी गई। इसलिए देशवासियों को किसी भी तरह के प्रोपेगेंडा, अफवाह और दुष्प्रचार से बचकर रहना है। भारत के वैक्सीन वैज्ञानिक, हमारा मेडिकल सिस्टम, भारत की प्रक्रिया की पूरे विश्व में बहुत विश्वसनीयता है। हमने ये विश्वास अपने ट्रैक रिकॉर्ड से हासिल किया है– पीएम नरेंद्र मोदी 16 जनवरी, 2021

ये पीएम मोदी ने टीकाकरण अभियान की शुरुआत में कहा था और अब देखिए वो ट्वीट जिसमें भारत के सामर्थ्य और एक अन्य उपलब्धि का जिक्र है-

, ‘आज रिकार्ड टीकाकरण हुआ। एक करोड़ का आंकड़ा पार करना महत्वपूर्ण उपलब्धि है। जो लोग टीके लगवा रहे हैं और जो इस टीकाकरण अभियान को सफल बना रहे हैं उन्हें बधाइयां।’– पीएम नरेंद्र मोदी, 27 अगस्त, 2021

पीएम मोदी के ये दोनों वक्तव्य और फिर उपलब्धियां मोदी सरकार की कार्यशैली और देश की जनता के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।

कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में भारत ने वह कामयाबी हासिल की है, जिसका इंतजार महीनों से था। देश ने एक दिन में एक करोड़ से अधिक कोरोना की वैक्सीन लगाकर इतिहास रच दिया है। टीकाकरण के बढ़ते रफ्तार के साथ सरकार ने बता दिया है कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई में वो कोई कसर नहीं छोड़ने वाली।

भारत में शुक्रवार 27 अगस्त को कोविड-19 रोधी टीके की एक करोड़ से अधिक खुराक दी गई जो एक दिन में दी गई खुराक की सर्वाधिक संख्या है। इसके साथ ही देश में कुल टीकाकरण का आंकड़ा 62 करोड़ से अधिक हो गया है।

कोविन वेबसाइट के अनुसार, शुक्रवार को टीके की 1,00,64,376 खुराक दी गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को एक दिन में कोविड-19 रोधी टीकों की एक करोड़ खुराक दिए जाने को एक रिकार्ड और ‘महत्वपूर्ण उपलब्धि’ बताया और इसके लिए अभियान से जुड़े सभी लोगों की सराहना की।

 

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी ट्वीट कर कहा कि 1 दिन में 1 करोड़ वैक्सीन. ये आंकड़ा नए भारत की दृढ़ इच्छाशक्ति व अपार क्षमता का प्रतिबिंब है। एक दूरदर्शी व कर्मठ नेतृत्व से कैसे एक देश कोरोना से सफल लड़ाई लड़ते हुए पूरे विश्व में उदाहरण स्थापित कर सकता है ये पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाले नए भारत ने दुनिया को दिखाया है।

इस उपलब्धि से गदगद है WHO भी

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की मुख्य वैज्ञानिक डॉ. सौम्या स्वामीनाथन ने 50 फीसदी वयस्क आबादी को कोरोना टीके की पहली खुराक लगाने के लिए देश को बधाई दी।

सौम्या स्वामीनाथन ने ट्वीट करते हुए लिखा कि भारत में वयस्क आबादी का 50 फीसदी कवरेज यानी 50 फीसदी वयस्क को कम से कम एक खुराक लगा दी गई है। अब तक देश में 62 करोड़ खुराक दी जा चुकी हैं। वहीं पिछले दिन एक करोड़ खुराक लगाई गईं जो कि ऐतिहासिक है। इसमें शामिल हजारों स्वास्थ्यकर्मियों को बधाई। सार्वजनिक स्वास्थ्य और व्यक्तिगत निवारक उपायों के साथ टीकाकरण सभी की रक्षा करेगा।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने ट्वीट किया, ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास। यह वही प्रयास है जिससे देश ने एक दिन में एक करोड़ से अधिक टीके लगाने का आंकड़ा पार कर लिया है। स्वास्थ्यकर्मियों का अथक परिश्रम व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का दृढ़ संकल्प रंग ला रहा है।’

उत्तर प्रदेश सबसे अव्वल
 

राज्यों के आधार पर सबसे अव्वल रहा उत्तर प्रदेश जहां शुक्रवार को 28 लाख से अधिक टीके लगे। इसके बाद दूसरे नंबर पर कर्नाटक रहा जहां 10 लाख से अधिक टीके लगाए गए।

गर्व के क्षण, 1.25 करोड़ लोगों का टीकाकरण जल्द
 

भारत में टीकाकरण पर राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह (एनटीएजीआई) के प्रमुख डॉ एनके अरोड़ा ने शुक्रवार को एक ही दिन में एक करोड़ लोगों को टीका लगाए जाने पर कहा कि यह भारतीय स्वास्थ्य प्रणाली के लिए गर्व की बात है। डॉ. अरोड़ा ने यह भी कहा कि देश में एक ही दिन में 1.25 करोड़ का टीकाकरण जल्द होने की उम्मीद है। इस साल के अंत तक पूर्ण टीकाकरण के लक्ष्य को हासिल करने के लिए देश को 31 दिसंबर तक रोजाना 1 करोड़ टीके लगाने होंगे।

‘दवाई भी, कड़ाई भी’ कोरोना से लड़ाई के साथ टीकाकरण भी
 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संदेश दिया था कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई में दवाई भी कड़ाई भी के सिद्धांत पर अमल करना जरूरी है और देश इस सिद्धांत पर चला भी है। जब मार्च के बाद देश में कोरोना की दूसरी लहर का प्रकोप था, मोदी सरकार सभी जरूरी स्वास्थ्य आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ-साथ टीकाकरण अभियान पर भी जोर दे रही थी। कोरोना के खिलाफ टीकाकरण अभियान का शुभारंभ करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साफ कर दिया था कि कोरोना की वैक्सीन पहले उन्हें दी जाएगी, जिन्हें इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है। प्रधानमंत्री मोदी ने प्राथमिकता वाले 30 करोड़ लोगों के वैक्सीन लगने का क्रम भी स्पष्ट कर दिया था। उनके अनुसार सबसे अधिक जोखिम उठाने वाले डाक्टर, नर्स, अस्पताल के सफाई कर्मचारी और पैरा-मेडिकल स्टाफ को सबसे पहले टीका लगेगा।

उसके बाद जरूरी सेवाओं और देश की रक्षा व कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालने वालों को वैक्सीन दी जाएगी, जिनमें सुरक्षाबल के जवान, पुलिसकर्मी, फायरब्रिगेड के लोग और सफाई कर्मचारी शामिल हैं। इसके बाद 50 साल से अधिक उम्र और गंभीर बीमारी से ग्रसित लोगों का नंबर आएगा।

हुआ भी कमोबेश ऐसा ही। हां, आवश्यकतानुसार जरूरी बदलाव जरूर किए गए, लेकिन कोरोना की दूसरी लहर के दौरान भी टीकाकरण बंद नहीं हुआ, बल्कि और भी तेजी आ गई।

देश में टीकाकरण अभियान 16 जनवरी को शुरू हुआ था। 10 करोड़ का आंकड़ा छूने में भारत को 85 दिन लगे थे। वहीं, 10 से 20 करोड़ के निशान पर हम 45 दिन में पहुंचे। 20 से 30 करोड़ तक पहुंचने में 29 दिन का समय लगा। 30 से 40 करोड़ तक 24 दिन में पहुंचे। छह अगस्त को देश में टीकाकरण ने 50 करोड़ का आंकड़ा पार किया था।

मोदी सरकार कोई भी कार्य दिखावे के लिए नहीं, कागजों पर नहीं, बल्कि जनता की भलाई के लिए करती है और यही वजह है कि उनका हर कार्य जमीन पर नजर आता है। जब कोरोना फैला तो लोगों ने भारत की जनसंख्या को देखते हुए चिंता जताई जो स्वाभाविक भी था, पर पीएम मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत पर जोर देते हुए जिस तरह से देश ने कोरोना के खिलाफ लड़ाई लड़ी है उसे पूरी दुनिया ने देखा और सराहा भी है। मेड इन इंडिया एक नहीं बल्कि दो टीकों ने भारत को अग्रणी देशों मे खड़ा किया है और अब टीकाकरण अभियान का कीर्तिमान देश को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहा है।

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