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बापू के विचारों के सच्चे अनुयायी मोदी जी बना रहे गांधी जी का ‘नया भारत’

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महात्मा गांधी, पूरी दुनिया इस नाम से भली भांति परिचित है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के आदर्शों की चर्चा भी खूब होती है, पर अगर वाकई में किसी राजनेता ने उनके विचारों को आत्मसात कर उस पर अमल किया है तो वो हैं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गांधीजी को श्रद्धांजलि केवल शब्दों तक सीमित नहीं है। पीएम मोदी ने बापू के कई आदर्शों को नीतियों और कार्यों में परिवर्तित कर दिया  है। आइए मोदी सरकार के उन कार्यों पर नजर डालते हैं, जो गांधीजी के आदर्शों के अनुरूप हैं।

स्वच्छता ही सेवा

गांधीजी की परिकल्पना

गांधी जी ने कहा था कि यदि उन्हें स्वतंत्रता और स्वच्छता के बीच चुनाव करना हो तो वो पहले स्वच्छता और बाद में स्वतंत्रता का चयन करेंगे।

मोदी सरकार के कार्य
  • प्रधानमंत्री मोदी ने 2014 में गांधी जयंती पर स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत की थी।
  • यह एक नीतिगत पहल और जन आंदोलन दोनों है।
  • जब स्वच्छ भारत अभियान शुरू हुआ, तब भारत की स्वच्छता कवरेज 38.70 प्रतिशत थी, जो बढ़कर 99.99 फीसदी हो गया है।
  • मोदी सरकार ने 10 करोड़ से अधिक शौचालयों का निर्माण किया है, जबकि 1947 से 2014 के बीच निर्मित घरेलू शौचालयों की संख्या महज 6.37 करोड़ थी! देश भर के 35 राज्य व केंद्र शासित राज्य खुले में शौच मुक्त हो गए हैं।
  • सिर्फ शौचालय निर्माण ही नहीं, बल्कि सीवेज ट्रीटमेंट, कचरा प्रबंधन के संदर्भ में  भी लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए स्वच्छ भारत अभियान एक जन आंदोलन के रूप में विकसित हुआ है। 2 अक्टूबर 2014 को स्वच्छ भारत मिशन के शुभारंभ पर  पीएम मोदी ने कहा था:

“पूज्य बापू ने स्वतंत्रता संग्राम के लिए ‘भारत छोड़ो’ और हमारे अपने उत्थान के लिए ‘स्वच्छ भारत’ का नारा दिया था।”

खादी- वस्त्र नहीं, विचार

गांधीजी की परिकल्पना

गांधी जी का खादी के प्रति प्रेम जगजाहिर है। उन्होंने कहा था कि: “खद्दर गरीबी-अमीरी के दरार से बचाता है और वर्गों व जनता के बीच नैतिक और आध्यात्मिक बंधन कायम करता है।”

पीएम मोदी के कार्य
  • अक्टूबर 2014 में पीएम  नरेन्द्र मोदी ने लोगों से खादी का अधिक उपयोग करने का आह्वान किया। इस क्षेत्र में लगातार कई सुधारकारी उपाय किए गए। इससे खादी की बिक्री में भारी उछाल भी आया।
  • वित्त वर्ष 2013-14 में खादी की बिक्री 1081.04 करोड़ थी। पीएम मोदी के आह्वान के बाद 2018-19 में यह बढ़कर 3215 करोड़ रुपये हो गया है।
  • पहले  खादी संस्थानों के वस्तुओं की मांग कम होने के कारण दिन में केवल 2-3 घंटे काम होता था। आज  खादी संस्थानों के पास कारीगरों के लिए प्रतिदिन 8 घंटे से अधिक का स्थिर काम है, जो मांग में वृद्धि का साफ संकेत है।

जनभागीदारी की भावना

गांधीजी की परिकल्पना

गांधी जी के भारत आने से पहले भारतीय स्वतंत्रता संग्राम गतिमान तो था, लेकिन उनके आने के बाद यह वास्तव में जन आंदोलन बन गया।

पीएम मोदी के कार्य

पीएम मोदी का शासन मॉडल ‘जनभागीदारी’ की अवधारणा के अनुरूप है। उनका यह दृढ़ विश्वास है कि कोई भी अभियान जब तक जन आंदोलन नहीं बन जाता तब तक परिवर्तन संभव नहीं है। ऐसे कई उदाहरण हैं, जिनमें  पीएम मोदी ने जन भागीदारी को प्रशासन का एक अभिन्न अंग बनाया है:

  • उन्होंने लोगों से स्वैच्छिक एलपीजी सब्सिडी छोड़ने का  आह्वान किया। करोड़ों परिवारों ने सब्सिडी छोड़कर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।
  • स्वच्छ भारत मिशन जन भागीदारी का अनूठा उदाहरण है, जिसमें संपूर्ण भारत ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
  • MyGov और नरेंद्र मोदी ऐप जैसी पहल के माध्यम से  प्रधानमंत्री ने नीतिगत मुद्दों पर लोगों से सुझाव मांगे। अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में पीएम मोदी लोगों के दिए विचारों को शामिल भी करते हैं।

ग्रामीण विकास से राष्ट्र विकास

गांधीजी की परिकल्पना

अप्रैल 1936 में गांधीजी सेवाग्राम गांव चले गए। उन्होंने ग्रामीण पुनर्निर्माण क्षेत्र में श्रमिकों को प्रशिक्षित किया जैसे कि ताड़ के पेड़ का प्रयोग, गुड़ बनाना, डेयरी, चमड़े का काम, मिट्टी के बर्तन, मधुमक्खी पालन इत्यादि। गांधी जी भारत के गांवों को आत्मनिर्भर बनाने में दृढ़ विश्वास रखते थे।

पीएम मोदी के कार्य

ग्रामीण जीवन का उत्थान पीएम मोदी के शासन का प्रमुख केंद्र रहा है। शहरी सुविधाओं के साथ गांवों का विकास ग्रामीण सामुदायिक जीवन और ‘संसद आदर्श ग्राम योजना’ का सार खोए बिना ‘रुर्बन’ जैसी पहल मोदी सरकार ने किया। सांसद आदर्श गांव का सफल प्रयोग मोदी सरकार के कुछ नए विचार हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में बदलाव और विकास की कई नीतिगत योजनाएं मोदी सरकार की देन हैं। जैसे:

  • प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हर बेघर को घर सुनिश्चित किया जा रहा है। 2022 तक सबको पक्का घर दिलाने का लक्ष्य रखा गया है।
  • सड़क नेटवर्क का विस्तार। 2017-18 में ग्रामीण सड़क निर्माण की गति 66 किमी / दिन से बढ़कर 134 किमी / दिन हो गई है, जिससे परिवर्तन काफी दिखाई दे रहा है।
  • 97% प्रतिशत गांवों को सड़क मार्ग से जोड़ा गया है।
  • कृषि क्षेत्र,  जो ग्रामीण आजीविका की रीढ़ है, बीज खरीद के चरण से लेकर उपज को बाजार तक ले जाने में सुधार हुए हैं। देश भर में थोक एपीएमसी मंडियां ई-एनएएम प्लेटफॉर्म पर हैं, जिनमें करोड़ों किसान पंजीकृत हैं।
  • देश के 100 प्रतिशत गांवों में विद्युतिकरण किया गया है।

गरीबों का सशक्तिकरण

गांधीजी की परिकल्पना

गांधीजी ने ‘दरिद्रनारायण’ की अवधारणा दी थी, जो गरीबों की सेवा में ईश्वर को देखता है। उन्होंने कहा था, “जब भी आप संदेह में हों  या जब अहं बहुत अधिक हो तब निम्नलिखित परीक्षण लागू करें। सबसे गरीब और कमजोर आदमी का चेहरा याद करें, जिसे आपने कभी देखा होगा और अपने आप से पूछें, आप जिस कदम पर विचार कर रहे हैं  वह उसके किसी काम का होता! ”

पीएम मोदी का मिशन

मोदी सरकार ने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया है कि विकास का फल गरीब से गरीब व्यक्ति तक पहुंचे। मोदी सरकार द्वारा कतार में खड़े आखिरी व्यक्ति तक सरकारी लाभ पहुंचाने के लिए बनाए गए कुछ कार्यक्रम इस प्रकार हैं:

  • प्रधान मंत्री जन धन योजना के तहत 37.05 करोड़ से अधिक खाते खोले गए हैं, जिसमें गरीबों और असहाय लोगों को बैंकिंग सुविधा दी गई।
  • 13 करोड़ से अधिक महिला उद्यमियों को मुद्रा  योजना से लाभ हुआ
  • उज्ज्वला योजना के तहत 8 करोड़ गरीब महिलाओं की रसोई धुआं मुक्त हो गई है।

महिला सशक्तिकरण

गांधीजी की परिकल्पना

गांधीजी ने कहा था:

“मुझे कभी समझ में नही आया कि क्यों लोग बेटे के जन्म पर उत्सव और बेटी के जन्म पर शोक मनाते हैं। दोनों ही ईश्वर की देन हैं। उन्हें जीने का समान अधिकार है। ”

पीएम मोदी के कार्य
  • सुकन्या समृद्धि के तहत बेटियों के लिए के लिए 1.56 करोड़ बैंक खाते खोले गए और 31,000 करोड़ रुपये उनके सुरक्षित भविष्य के लिए जमा किए गए।
  • 12 साल से कम उम्र की लड़कियों से दुष्कर्म के दोषियों को मौत की सजा।
  • घरेलू शौचालयों ने महिलाओं के लिए सम्मानजनक जीवनयापन सुनिश्चित किया है।
  • स्वच्छ विद्यालय पहल के तहत छात्राओं के लिए अलग शौचालय बनाए गए हैं।
  • मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक की पीड़ा से मुक्ति दिलाई गई।

प्रकृति का संरक्षण और सुरक्षा

गांधीजी की परिकल्पना

गांधी जी का पर्यावरण के प्रति दृष्टिकोण उनके प्रसिद्ध कथन में परिलक्षित होता है कि “प्रकृति के पास लालच के लिए नहीं, बल्कि आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए सब कुछ है।”

पीएम मोदी के कार्य
  • संयुक्त राष्ट्र ने वैश्विक मंच पर अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन का नेतृत्व करने के लिए पीएम मोदी को ‘चैंपियन ऑफ द अर्थ’ पुरस्कार से सम्मानित किया।
  • 36 करोड़ से अधिक एलईडी बल्ब वितरित करने से प्रति वर्ष 3 करोड़ टन से अधिक CO2 घटा।
  • जलवायु न्याय की अवधारणा ने भारत को वैश्विक शिखर पर पहुंचाया।
  • मोदी सरकार ने जल संचय के लिए जल शक्ति मंत्रालय का गठन किया है।
  • सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ अभियान।

गांधीजी के दर्शन और विचारों ने मोदी सरकार के कार्यों में प्रतिध्वनि पाई है। प्रधानमंत्री मोदी सिर्फ गांधी के आदर्शों उनके विचारों की बात नहीं करते हैं, बल्कि व्यक्तिगत और शासकीय नीतियों में भी उनका अनुसरण करते हैं। सही मायनों में गांधी जी के सपनों के भारत को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पूरा कर रहे हैं ।

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