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संस्कृति-सभ्यता-परंपरा-प्राचीनता की विरासत के साथ विकास पथ पर शिवनगरी काशी

shiva kashi development

भगवान शिव और मां गंगा की नगरी काशी और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का रिश्ता बेहद आत्मीय है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी खुद को गंगा पुत्र और भगवान शिव का भक्त कहते हैं। लगातार दूसरी बार पीएम मोदी वाराणसी के सांसद बने। 2014 से लेकर और 2020 के काशी में व्यापक बदलाव आ गया है। अब शिवनगरी काशी विकास और बदलाव के साथ बम बम बोल रहा है। 2014 से 2019 तक फेज 1 में वाराणसी में चतुर्दिक विकास के बाद अब फेज 2 में उन्नति के नए दौर के लिए तैयार हो रहा है काशी।

फेज 1 (2014-2019)
संस्कृति और धरोहर की विरासत को संजो रहा काशी
  • काशी के कबीर, तुलसी, रैदास, मुंशी प्रेमचंद, भारतेन्दु हरिश्चंद्र और जयशंकर प्रसाद जैसे महापुरुषों का जीवन चरित्र भित्तिचित्रों के माध्यम से जीवंत किया गया।
  • अस्सी घाट, नाटी इमली के मैदान में म्यूरल्स, भारत माता मंदिर का पार्क, घाटों पर जेटी का निर्माण सौंदर्यीकरण की नई कहानी बयां करते हैं।
  • मणिकर्णिका घाट, मोक्ष घाट सहित घाटों पर साफ-सफाई, सौंदर्यीकरण, सुविधाओं का विस्तार।
  • मैदागिन में महात्मा गांधी के स्वतंत्रता संग्राम आंदोलन का गवाह टाउनहॉल अपने मूल स्वरूप में।
स्वच्छ भारत का शंखनाद काशी से
  • काशी से ही पहली बार स्वच्छ भारत का देशव्यापी अभियान चलाकर पीएम मोदी ने देश के साथ-साथ काशीवासियों को गंदगी से निजात दिलाया।
  • कूड़ा प्रबंधन के लिए करसड़ा प्लांट एनटीपीसी द्वारा संचालित, प्रतिदिन 600 मीट्रिक टन कूड़ा प्रसंस्करण की क्षमता।
  • करसड़ा प्लांट में रोजाना 100 मीट्रिक टन कंपोस्ट का उत्पादन, 3 डिसेंट्रलाइज्ड बायोमीथेनाइजेशन प्लांट का संचालन।
  • काशी में रखी गई इज्जत घर की नींव।
काशी का सौंदर्यीकरण एवं विकास, सुधर रहा जीवन स्तर
  • अमृत योजना के अंतर्गत कई पार्कों का सौंदर्यीकरण, पेयजल, सीवर एवं खुले स्थानों को विकसित करने की योजना तैयार की गई।
  • सामुदायिक शौचालयों का निर्माण, नए धोबी घाट, घाटों की सीढ़ियों की मरम्मत, घाटों पर चेंजिंग रूम।
अत्याधुनिक ट्रैफिक व्यवस्था के साथ नए मार्गों का विस्तार
  • मोदी ने काशी में सड़कों का जाल बिछा दिया। सभी प्रमुख सड़कों की मरम्मत के साथ रिंग रोड की मांग को पूरा कर दिया।
  • काशी से बाबतपुर हवाई अड्डे तक का मार्ग न सिर्फ चौड़ा किया गया, बल्कि इसका सौंदर्यीकरण भी हुआ। 17.6 कलोमीटर का यह हाईवे इतना खूबसूरत है कि लोग अब इसे गेटवे ऑफ काशी कहते हैं।
  • काशी के लिए लाइफ लाइन कही जाने वाली इस रिंग रोड के साथ गंगा पर एक पुल का उद्घाटन किया गया।
पर्यटन पर विशेष ध्यान
  • काशी के आतिथ्य भाव को और भी निखारते हुए जापान के पीएम शिंजो अबे, फ्रांस के राष्ट्रपति मैंक्रों, जर्मनी के राष्ट्रपति फ्रैंक वाल्टर को वाराणसी लाए नरेन्द्र मोदी।
  • सारनाथ का सकल विकास- लाइट एंड साउंड शो, मारकंडेय महादेव मंदिर का सौंदर्यीकरण व नदी तट का विकास, पंचकोशी मार्ग के विकास का कार्य।
  • गुरुधाम मंदिर, धम्मेख स्तूप, लाल खां का मकबरा का सौंदर्यीकरण।
रेलवे की सौगात से काशी का कायाकल्प, काशी से पहली बार जल यातायात
  • स्थानीय लोगों के रोजगार के लिए मेक इन इंडिया के तहत तैयार डीजल लोकोमोटिव वर्कशॅाप, महामना एक्सप्रेस ट्रेन, काशी में कैंट एवं मण्डुआडीह स्टेशनों का सौंदर्यीकरण, स्वचालित सीढ़ियों की सुविधा और विश्रामालय का निर्माण।
  • भारत की सबसे तेज चलने वाली ट्रेन वंदे भारत भी काशी को समर्पित।
  • यात्रियों की बढ़ी संख्या के साथ लाल बहादुर इंटरनेशल एयरपोर्ट भारत के 20 सबसे व्यस्त एयरपोर्ट में शामिल हो गया।
  • हल्दिया से काशी जल मार्ग परियोजना। 5,369.18 करोड़ की लागत से बने इस जल मार्ग पर पहला कंटेनर जहाज चला।
  • काशी को स्वतंत्र भारत का पहला ऐसा प्रोजेक्ट शुरू करने का गौरव मिला है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वयं वाराणसी में इस कंटेनर जहाज का स्वागत किया। गंगा पर यह पहला मल्टी मॉडल टर्मिनल।
काशी के हुनर को मिली वैश्विक पहचान
  • काशी का हस्तशिल्प, काष्ठ कला और तमाम कलाओं के माध्यम से बनने वाले उत्पाद दुनिया के बाजार में सिक्का जमाए, इसके लिए नरेन्द्र मोदी ने लालपुर में पं. दीनदयाल हस्तकला संकुल की स्थापना कर काशी को नई पहचान दिलाई।
  • प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों के कारण अब यहां के कपड़ा उद्योग और बुनकरों के दिन बेहतर होने लगे हैं।
  • नौ स्थानों पर बुनकरों को अच्छी उत्पादन सुविधा के लिए कॉमन फैसिलिटेशन सेंटर बनाए गए हैं।
  • कालीन बुनकरों के लिए स्फूर्ति योजना, एनएसआईसी के जरिये लघु उद्योगों को लोन, दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल विकास योजना के तहत काशी के ग्रामीण इलाकों में प्रशिक्षण आदि अनेक कार्यक्रम काशी में चल रहे हैं।
  • उर्जा गंगा गैस पाइप लाइन परियोजना के जरिये घरो में पीएनजी और शहर के वाहनों के लिए सीएनजी की पाइप के जरिये आपूर्ति शुरू हो चुकी है।
उलझे तारों को सुलझाया, स्वास्थ्य-सुरक्षा-सुविधा संग जीवन को आसान बनाया

केंद्रीय बिजली मंत्रालय ने सभी तार जमीन के नीचे कर दिए। इससे न सिर्फ काशी की सड़के चौड़ी दिखने लगी हैं , बल्कि अब बिजली की चोरी भी रूक गई है और डिस्ट्रीब्यूशन लॉस 45 प्रतिशत से घटकर 10 प्रतिशत पर आ गया है।

  • बीएचयू स्थिति एआईआर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस अब एम्स के स्तर का हो चुका है।
  • काशी के सभी 8 ब्लॉक चिरईगांव, चोलापुर, हरहुआ, बड़ागांव, पिण्डरा, सेवापुरी, काशी विद्यापीठ, आराजीलाइन के निवासियों को आयुष्मान भारत के तहत स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही हैं।
  • प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत घरों की चाबी स्वयं प्रधानमंत्री ने अपने हाथों से लोगों को प्रदान की।
  • सॉयल टेस्ट,बीज, नीम कोटेड यूरिया, समय पर कृषि लोन, फसलों की बीमा , ई कृषि मंडी और प्रधानमंत्री आय सहयोग से काशी के किसान भी बहुत खुश हैं।
  • प्रधानमंत्री ने स्वयं कोशिश कर अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान केंद्र काशी लेकर आए हैं। यह केंद्र धान की उत्पादकता को बढ़ाने में किसानों की मदद तो करेगा ही साथ ही धान के नये किस्म भी विकसित करेगा।
  • मोदी जी के सौजन्य से काशी में गंगा तीरी गाय संवर्द्धन केंद्र की स्थापना की गई है। इस केंद्र में निराश्रित गायों को रखने के साथ साथ गायों का संवर्द्धन भी किया जा रहा है।
  • अपने सांसद के निमंत्रण पर काशी के प्रधान, स्थानीय जनप्रतिनिधियों का एक बड़ा समूह लेकर 7, लोक कल्याण मार्ग यानि प्रधानमंत्री आवास नई दिल्ली पहुंचे और मेहमाननवाजी का सम्मान पाया।

‘विश्वनाथ के सानिध्य में, मां गंगा के आंचल में, संतवाणी का साक्षी बनने का अवसर बार-बार नहीं आता है। संतो का आदेश हो और रुचियों का संदेश का महत्व हो तो समय और दूरी कभी बाधा नहीं बनती है।’-पीएम मोदी

फेज 2 (2019-जारी)
काशी एक रूप अनेक, बाबा विश्वनाथ मंदिर कोरिडोर

कहते हैं काशी भगवान शंकर के त्रिशूल पर बसा है। इसका इतिहास सृष्टि के इतिहास के साथ जोड़ कर देखा जाता है। इस गौरवशाली और अध्यात्मिक शिव नगरी को सजाने संवारने का बीड़ा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उठाया है, लेकिन इस सावधानी के साथ कि इसकी नूतनता में पौराणिकता के साथ कोई छेड़छाड़ ना हो।

  • प्रधानमंत्री मोदी ने काशी के विकास में एक नया अध्याय बाबा विश्वनाथ मंदिर कोरिडोर बनाने की शुरूआत के साथ जोड़ दिया है। कहा जाता है कि काशी विश्वनाथ मंदिर के विकास का अंतिम काम 1853 में हुआ था जब महाराजा रणजीत सिंह ने मंदिर के शिखर पर सोना मंढ़वाया था।
  • मोदी जी ने अब उसी बाबा विश्वनाथ मंदिर को और भव्यता प्रदान करने और उसके साथ हर तरह की सुविधा विकसित करने का बीड़ा उठाया है।
  • कोरिडोर काशी विश्वनाथ मंदिर, मणिकर्णिका घाट और ललिता घाट के बीच 25,000 स्क्वेयर वर्ग मीटर में बन रहा है.।
  • इसके तहत फूड स्ट्रीट, रिवर फ्रंट समेत बनारस की तंग गलियों का चौड़ीकरण का काम भी चल रहा है। प्रधानमंत्री खुद विस्तारीकरण व सुंदरीकरण के कार्यों का निरीक्षण कर रहे हैं।
1200 करोड़ की परियोजनाएं, काशी-महाकाल एक्सप्रेस काशी को समर्पित

विकास के नए दौर में भागीदार बनाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में वाराणसी का दौरा किया और 1195.29 करोड़ रुपये की 50 विकास परियोजनाओं का शुभारम्भ किया।

  • बीएचयू में 430 बिस्तर का सुपरस्पेशियलिटी अस्पताल व वैदिक विज्ञान केंद्र।
  • कबीरचौरा में 100 बेड का मैटर्निटी विंग, लहरतारा-चौकाघाट फ्लाईओवर।
  • काशी विश्वनाथ अन्न क्षेत्र सहित 34 प्रोजेक्ट का लोकार्पण।
  • इसके अलावा स्मार्ट सिटी, हेरिटेज डेवलपमेंट व आधा दर्जन सड़कों सहित 14 परियोजनाओं का शिलान्यास किया।
  • वाराणसी-चंदौली की सीमा पर स्थित पड़ाव में पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्थल संग्रहालय का लोकार्पण किया  और पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 63 फुट ऊंची प्रतिमा का अनावरण किया।
  • पीएम मोदी ने देश की तीसरी निजी ट्रेन महाकाल एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह ट्रेन ज्योर्तिलिंग के तीन धार्मिक नगरों वाराणसी, उज्जैन और ओमकालेश्वर को जोड़ेगी।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक बार कहा था कि वे राजनीति में आने से पहले काशी विश्वनाथ मंदिर जब आए थे तो उनके मन में एक भाव आया था कि काश कोई काशी विश्वनाथ की इन संकरी गलियों को विकसित कर पाता और मां गंगा और बाबा विश्वनाथ मंदिर का दर्शन एक साथ हो पाता। आज नरेन्द्र मोदी की वह इच्छा उन्हीं के जरिये पूरी होती नजर आ रही है। काशी की गौरवशाली परंपरा, सभ्यता, संस्कृति के साथ विकास के रथ पर सवार काशी के लिए इससे ज्यादा भोले की कृपा क्या हो सकती है!

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