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सुरक्षा के 7 वचन, भारत करेगा कोरोना को परास्त!

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देशभर में जारी कोरोना कहर के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशव्यापी लॉकडाउन की अवधि को 3 मई तक बढ़ाने का फैसला लिया है। कोरोना वायरस लॉकडाउन के 21वें दिन देश के नाम संबोधन में मंगलवार को सुबह 10 बजे पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए देश में 3 मई तक लॉकडाउन जारी रहेगा।

वहीं प्रधानमंत्री ने देशवासियों को कोरोना के खिलाफ लड़ाई के लिए 7 मंत्र भी दिए। उन्होंने इन सात वचनों को निभाने के लिए देशवासियों का साथ भी मांगा।

1- घर के बुर्जुगों का विशेष ध्यान रखें। जिन्हें पुरानी बीमारी हो, उनकी हमें ज्यादा देखभाल करनी है। बुर्जुगों को कोरोना वायरस से बचाकर रखना है।

2- हमें लॉकडाउन और सोशल डिस्टैंसिंग की लक्ष्मण रेखा का पूरी तरह पालन करना होगा। घर में बने फेसकवर या मॉस्क का अनिवार्य रूप से उपयोग करना होगा।

3- आयुष मंत्रालय के उन सुझावों पर अमल करने की जरूरत, जिसमें अपनी प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए गर्म पानी, काढ़ा आदि पीने के नुस्खे बताए गए हैं।

4- कोरोना संक्रमण का फैलाव रोकने के लिए आरोग्य सेतु मोबाइल ऐप जरूर डाउनलोड करें। दूसरों को भी यह ऐप डाउनलोड करने के लिए प्रेरित किया जाए।

5- जितना हो सके गरीब परिवार की देखरेख करें, उनके भोजन का प्रबंध करें।

6- अपने व्यवसाय, उद्योग में अपने लोगों के साथ संवेदना रखें। किसी को नौकरी से न निकालें।

7- देश के कोरोना योद्धाओं, डॉक्टर, नर्स, सफाईकर्मी, पुलिसकर्मी, ऐसे सभी लोगों का हम सम्मान करें।

सभी सुझावों को ध्यान में रखा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सभी की तरफ से सुझाव आए हैं कि लॉकडाउन को बढ़ाया जाए। सभी के सुझावों को ध्यान में रखते हुए ये फैसला लिया गया है कि लॉकडाउन को तीन मई तक के लिए बढ़ाया जाए। सभी लोग अनुशासन के साथ घर में रहें।

पीएम मोदी ने आगे कहा, ‘जब हमारे यहां कोरोना के सिर्फ 550 केस थे, तभी भारत ने 21 दिन के संपूर्ण लॉकडाउन का एक बड़ा कदम उठा लिया था. भारत ने समस्या बढ़ने का इंतजार नहीं किया, बल्कि जैसे ही समस्या दिखी उसे तेजी से फैसले लेकर उसी समय रोकने का प्रयास किया।’

आज पूरे विश्व में कोरोना वैश्विक महामारी की जो स्थिति है, आप उसे भली-भांति जानते हैं। अन्य देशों के मुकाबले, भारत ने कैसे अपने यहां संक्रमण को रोकने के प्रयास किए, आप इसके सहभागी भी रहे हैं और साक्षी भी।– पीएम मोदी

20 अप्रैल बाद सशर्त छूट संभव

कहा कि 20 अप्रैल के बाद कुछ सीमित सेक्टर्स में सशर्त सीमित छूट दी जा सकती है। मगर कोरोना वायरस के मामलों में कमी नहीं दिखने पर इसे वापस ले लिया जाएगा। पीएम मोदी ने कहा कि देश पूरी मजबूती के साथ कोरोना वायरस महामारी से लड़ रहा है। जिस तरह से देशवासियों ने त्याग और तपस्या का परिचय दिया है, वह कोरोना के खिलाफ लड़ाई में अहम है।

कोरोना फैलने से रोकना है

पीएम मोदी ने कहा कि मेरी सभी देशवासियों से ये प्रार्थना है कि अब कोरोना वायरस को हमें किसी भी कीमत पर नए क्षेत्रों में फैलने नहीं देना है। स्थानीय स्तर पर अब एक भी मरीज बढ़ता है तो ये हमारे लिए चिंता का विषय होना चाहिए। इसलिए हमें हॉटस्पॉट को लेकर बहुत ज्यादा सतर्कता बरतनी होगी। जिन स्थानों के हॉटस्पॉट में बदलने की आशंका है उस पर भी हमें कड़ी नजर रखनी होगी। नए हॉटस्पॉट का बनना, हमारे परिश्रम और हमारी तपस्या को और चुनौती देगा।

अगर सिर्फ आर्थिक दृष्टि से देखें तो अभी ये महंगा जरूर लगता है, लेकिन भारतवासियों की जिंदगी के आगे इसकी कोई तुलना नहीं हो सकती– पीएम मोदी

भारत आज बहुत ही संभली हुई स्थिति में

पीएम मोदी ने कहा हा कि वैसे यह ऐसा संकट है, जिसमें किसी भी देश के साथ तुलना उचित नहीं है। दुनिया के सामर्थ्यवान देशों की तुलना करें तो भारत आज बहुत ही संभली हुई स्थिति में है। महीना-डेढ़ महीना पहले कई देश कोरोना संक्रमण के मामले में एक तरह से भारत के बराबर खड़े थे। आज उन देशों में भारत की तुलना में कोरोना के केस 25 से 30 गुना बढ़ गए हैं। भारत ने सही अप्रोच नहीं दिखाया होता और सही फैसले नहीं लिए होते तो आज भारत की स्थिति क्या होती, इसकी कल्पना करते ही रोएं खड़े हो जाते हैं। मगर बीते दिनों के अनुभवों से यह साफ है कि हमने जो रास्ता चुना है, आज की स्थिति में वही हमारे लिए सही है।

सोशल डिस्टेंसिंग और लॉकडाउन का लाभ देश को मिला

पीएम मोदी ने कहा कि सोशल डिस्टेंसिंग और लॉकडाउन का लाभ देश को मिला है। सिर्फ आर्थिक दृष्टि से देखें तो यह महंगा जरूर लगता है, मगर भारतवासी की जिंदगी के आगे इसकी कोई तुलना नहीं हो सकती। सीमित संसाधनों के बीच भारत जिस मार्ग पर चला है, उस मार्ग की चर्चा आज दुनियाभर में हो रही है।

रोज कमाई करने वाले सर्वोच्च प्राथमिकताओं में

पीएम मोदी ने कहा कि जो रोज कमाते हैं, रोज की कमाई से अपनी जरूरतें पूरी करते हैं, वो मेरा परिवार हैं। मेरी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में एक इनके जीवन में आई मुश्किल को कम करना है। अब नई गाइडलाइंस बनाते समय भी उनके हितों का पूरा ध्यान रखा गया है।

किसानों पर विशेष ध्यान

इस समय रबी फसल की कटाई का काम भी जारी है। केंद्र सरकार और राज्य सरकारें मिलकर प्रयास कर रही हैं कि किसानों को कम से कम दिक्कत हो।

इन्फ्रास्ट्रक्चर तेज, 220 टेस्टिंग लैब, 1 लाख बेड तैयार

उन्होंने कहा कि हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर के मोर्चे पर भी हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। जहां जनवरी में हमारे पास कोरोना की जांच के लिए सिर्फ एक लैब थी, वहीं अब 220 से अधिक लैब्स में टेस्टिंग का काम हो रहा है। भारत में आज हम एक लाख से अधिक बेड की व्यवस्था कर चुके हैं। इतना ही नहीं, 600 से भी अधिक ऐसे अस्पताल हैं, जो सिर्फ कोविड के इलाज के लिए काम कर रहे हैं। इन सुविधाओं को और तेजी से बढ़ाया जा रहा है।

पीएम मोदी ने युवा वैज्ञानिकों से भी आगे आकर कोरोना को खत्म करने के लिए कदम उठाने की बात कही। कोरोना महामारी से भारत डटकर मुकाबला कर रहा है। मोदी सरकार इस संकट को खत्म करने का पूरा प्रयास कर रही है और देशवासी भी सरकार के निर्देशों का पालन पूरे अनुशासन के साथ कर रहे हैं। कोरोना के खिलाफ जंग में भारत कामयाब जरूर होगा।

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