Explained National

लॉकडाउन में सरकार का राहत पैकेज: 50 लाख का बीमा, 3 महीने मुफ्त सिलेंडर, गरीबों को मुफ्त अनाज…

lockdown economic package farmers poor women

मोदी सरकार ने कोरोना वायरस के संक्रमण तथा इसकी रोकथाम के लिये लगाये गये लॉकडाउन से अर्थव्यवस्था पर पड़ रहे असर को कम करने के लिए गुरुवार को आर्थिक राहत पैकेज की घोषणा की। राहत पैकेज में किसानों, मनरेगा मजदूर, महिलाओं, पीएफ खाताधारकों, आदि को राहत दी। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया कि लॉकडाउन के दौरान कोई भी गरीब भूखा ना रहे।

चिकित्सा योद्धाओं के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त किया, 50 लाख का बीमा

मोदी सरकार ने डॉक्टरों, नर्सों, आशा कार्यकर्ताओं, पैरामेडिक्स और सभी स्वास्थ्य कर्मचारियों को COVID -19 का मुकाबला करने के लिए 50 लाख चिकित्सा बीमा कवर की घोषणा की। देश में  22 लाख स्वास्थ्य कर्मचारी और 12 लाख डॉक्टर्स हैं।

मोदी सरकार ने खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित किया-प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना की घोषणा

वित्त मंत्री ने बताया कि कोई गरीब भूखा न रहे, इसके लिए सरकार ने इंतजाम किए हैं। 80 करोड़ गरीब लोगों को अगले 3 महीनों के लिए 5 किलो चावल या गेहूं मुफ्त में दिया जाएगा। यह पहले से मिल रहे 5 किलो चावल के अलावा अलग से दिया जाएगा। क्षेत्रीय वरीयता के अनुसार 1 किलोग्राम दाल भी अगले 3 महीने तक मुफ्त दिया जाएगा।

मोदी सरकार द्वारा घोषित प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना

वित्त मंत्री द्वारा 1.70 लाख करोड़ का आर्थिक पैकेज घोषित किया गया। ये पैकेज प्रवासी श्रमिकों, शहरी और ग्रामीण गरीबों, महिलाओं, दिव्यांगों और समाज के अन्य सभी वंचित वर्गों के कल्याण का ध्यान रखेगा। कोरोना वायरस लॉकडाउन के कारण आर्थिक संकट से निपटने के लिए इसमें डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर का उपयोग होगा।

मोदी सरकार ने भारतीय महिलाओं की आजीविका सुरक्षित रखी

जन धन खाता धारक महिलाओं को अगले 3 महीनों के लिए 500 रुपये प्रति माह, जिससे 20 करोड़ महिलाओं को लाभ होगा। 8.3 करोड़ उज्ज्वला योजना लाभार्थियों को अगले 3 महीनों के लिए मुफ्त सिलेंडर दिया जाएगा। डीडीयू-एनआरएलएम के तहत 7 करोड़ एसएचजी महिलाएं 20 लाख रुपये का बिना गारंटी लोन प्राप्त कर सकती हैं।

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना-कोरोना के खिलाफ लड़ाई में आर्थिक राहत के उपाय

पीएम किसान के तहत 8.69 करोड़ किसानों को 2,000 रुपये की आर्थिक सहायता। MGNREGS के तहत 2,000 रुपये का बढ़ा हुआ वेतन, जिससे 5 करोड़ परिवार लाभान्वित होंगे। बुजुर्ग, विधवा और दिव्यांगों को 1000 रुपये अतिरिक्त दिए जाएंगे। ये अगले तीन महीने के लिए है। इसे दो किस्त में दिया जाएगा।

मोदी सरकार ने संगठित सेक्टर के मजदूरों को राहत दी

संगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए, कर्मचारी और नियोक्ता द्वारा भुगतान किए गए 24% के संयुक्त ईपीएफओ योगदान का भुगतान सरकार द्वारा अगले 3 महीनों के लिए किया जाएगा। यह सिर्फ उन्हीं कंपनियों के लिए लागू होगा जहां 100 से कम कर्मचारी हैं और 90 फीसदी कर्मचारियों का वेतन 15 हजार रुपये से कम है। 4.8 करोड़ ईपीएफओ पंजीकृत श्रमिक 3 महीने की मजदूरी या अपने पीएफ फंड का 75% हिस्सा निकाल सकते हैं, जिसकी राशि कम हो, नॉन रिफंडेबल एडवांस के तौर पर

वित्त मंत्री ने राज्य सरकारों से अनुरोध किया कि वे जिला मिनरल फंड का इस्तेमाल मेडिकल स्क्रीनिंग, टेस्टिंग गतिविधि, कोरोना के बारे में जागरूकता अन्य कार्यों में करें, ताकि कोरोना से ज्यादा लोग प्रभावित ना हों। आर्थिक राहत पैकेज की घोषणा कर मोदी सरकार ने कोरोना संकट में लॉकडाउन से चिंताग्रस्त गरीब, किसान, मजदूरों की चिंता तो दूर ही साथ ही ये संबल भी दिया है कि मोदी सरकार किसी भी कीमत पर देशवासियों को कोरोना संकट से उबारने के लिए क़त संकल्पित है बस देशवासियों को लॉकडाउन की अवधि को अनुशासन के साथ पूरा करना है।

Share