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इनोवेशन और रिसर्च बदलेंगे भारत की दिशा-दशा, एक्सपर्ट्स ने बजट की सराहना की

जब पीएम मोदी ने आत्मनिर्भर भारत की घोषणा की, तो उनके आलोचकों ने कहा कि जब हम अपने उत्पादों का निर्माण ही नहीं करेंगे तो भारत कैसे आत्मनिर्भर हो सकता है?  आलोचक ये कहने में बड़ी जल्दबाजी दिखा रहे थे कि भारत में आत्मनिर्भर होने के लिए पर्याप्त रिसर्च और डेवलपमेंट नहीं है। दशकों तक सत्ता पर काबिज रहने वालों ने यही विरासत में दिया था।

लेकिन कहते हैं न जहां चाह वहां राह। नरेंद्र मोदी के दृढ़ नेतृत्व ने इसे सच भी साबित किया है। सरकार ने देश के नवाचार को बढ़ावा देने के लिये अगले पांच वर्षों में राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन के लिए 50,000 करोड़ रुपए के परिव्यय का प्रस्ताव किया है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में केन्द्रीय बजट 2021-22 पेश करते हुए डिजिटल भुगतान, अंतरिक्ष क्षेत्र और गहरे महासागर में अन्वेषणों एवं नवाचार के लिये कई महत्वपूर्ण पहल का प्रस्ताव दिया।

बजट में जिस तरह से रिसर्च और इनोवेशन सिस्टम पर बल दिया गया है, जो प्रावधान किए गए हैं, उनसे युवाओं को ताकत मिलेगी और भारत उज्जवल भविष्य के लिए ठोस कदम रखेगा।– पीएम नरेंद्र मोदी

कोरोना संकटकाल में जिस तरह शोध और इनोवेशन के जरिये उम्मीदों की एक नई आस जगी, उसमें इस क्षेत्र को लेकर मोदी सरकार ने ध्यान केंद्रित किया है।

पीएम मोदी ने नेशनल रिसर्च फाउंडेशन बनाने का वादा पूरा किया

पीएम मोदी ने 2019 में एक नेशनल रिसर्च फाउंडेशन की स्थापना का जो वादा किया था बजट 2021 ने उसे मूर्त रूप दे दिया है। 5 वर्षों में 50,000 करोड़ रुपये की की लागत से देश के समग्र अनुसंधान पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत किया जाएगा, जिसके परिणामस्वरूप भारत के लिए अनगिनत अवसर पैदा होंगे।

“यह चिन्हित राष्ट्रीय-प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर ध्यान केन्द्रित करते हुए देश में एक समग्र अनुसंधान तंत्र को मज़बूत बनाने के मार्ग को सुनिश्चित करेगा।”- वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

डिजिटल पेमेंट टेक्नोलॉजी इनोवेशन का ही परिणाम

डिजिटल पेमेंट टेक्नोलॉजी इनोवेशन का ही परिणाम है, वही डिजिटल भुगतान जिसने भारत को वैश्विक महामारी के दौरान बचाए रखा! इनोवेशन की ताकत से भारत दुनिया में सबसे सस्ती डेटा दरें प्रदान करने में सक्षम हो गया है। डिजिटल लेन-देन को अधिक बढ़ावा देने के लिए बजट 2021 में प्रस्तावित योजना के तहत 1,500 करोड़ रुपये प्रदान किया गया है। इससे भुगतान के डिजिटल तरीकों को वित्तीय प्रोत्साहन के माध्यम से बढ़ावा मिलेगा।

बजट 2021 में एक नई पहल - राष्ट्रीय भाषा अनुवाद मिशन (NTLM)

हालांकि ज्ञान के रास्ते में कोई बाधा नहीं होती है लेकिन भारत जैसे देश में विविध भाषाओं का समावेश है, जिसकी वजह से जानकारी बांटना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। बजट 2021 में एक नई पहल – राष्ट्रीय भाषा अनुवाद मिशन (NTLM) की घोषणा की गई है। इससे शासन और नीति संबंधित जानकारी प्रमुख भारतीय भाषाओं में इंटरनेट पर उपलब्ध हो पाएगी, जिससे सरकार के कामकाज में और भी पारदर्शिता आएगी ।

भारत को ब्रह्मांड के मानचित्र पर लाना

गगनयान मिशन को गति देने के लिए चार भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को जेनेरिक स्पेस फ़्लाइट आसपेक्ट्स पर रूस में प्रशिक्षित किया जा रहा है। पहला मानवरहित यान दिसंबर 2021 में भेजा जाएगा।

समुद्र की गहराई में शोध

पांच वर्षों में 4,000 करोड़ रुपये से अधिक डीप ओशन मिशन के लिए आवंटित किया गया है। ये समुद्र की जैव-विविधता के संरक्षण के लिए गहन महासागर सर्वेक्षण अन्वेषण और परियोजनाओं को कवर करेगा।

इनोवेशन के क्षेत्र में भारत अब वैश्विक रैंकिंग में 48वें स्थान पर

इनोवेशन के क्षेत्र में भारत अब वैश्विक रैंकिंग में 48वें स्थान पर आ गया है जो 2015 में 81वें स्थान था। हाल ही में पेश किए गए आर्थिक सर्वेक्षण में भी अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए रिसर्च और इनोवेशन पर अधिक ध्यान देने की जरूरत बताई गई है। इसके साथ ही शोध और इनोवेशन से जुड़ी देश की प्रतिभाओं को पलायन से रोकने के लिए एक नया माहौल तैयार करने पर जोर दिया गया है। फिलहाल बजट में की गई घोषणाओं से इसे मजबूती मिलेगी। साथ ही उन सभी क्षेत्रों पर भी काम हो पाएगा जो अभी भी पुराने ढर्रे पर चल रहे हैं। जिसे तकनीकी तौर पर मजबूती देकर नए सिरे से खड़ा किया सकता है।

एक्सपर्ट्स ने की सराहना

नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (NRF) के लिए अगले पांच वर्षों में 50,000 करोड़ रुपये का आउटले इनोवेशन, अनुसंधान एवं विकास को आगे ले जाएगा, यह देश को ग्लोबल रिसर्च हब बनने के ल‍िए प्रेरित करेगा।

बजट 2021-22 पर टिप्पणी करते हुए, IIT दिल्ली के निदेशक प्रो वी रामगोपाल राव ने कहा क‍ि मैं इंटर इंस्‍टीट्यूशनल लिंकेज और सिटी आधारित आरएंडडी (रीसर्च एंड डेवलेपमेंट) क्लस्टर के गठन के लिए बजट में जगह देखकर खुश हूं। बजट में प्रस्तावित ग्‍लू ग्रांट एक स्वागत योग्य कदम है। एनईपी प्रावधानों के अनुसार नेशनल रिसर्च फाउंडेशन के लिए फंड आवंटन को देखकर खुशी हुई है। एनआरएफ देश में अनुसंधान पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने में मदद करेगा और देश में हो रही आरएंडडी को सामाजिक समस्याओं से जोड़ेगा। यह हमारे उच्च शैक्षणिक संस्थानों में होने वाले अनुसंधान और विकास को समाज के सामने लाएगा।

नवाचार और रिसर्च एंड डेवलपमेंट पर ध्यान केंद्रित करना आत्म निर्भर भारत की ओर बढ़ाया गया ठोस कदम है। अब वह दिन दूर नहीं, जब दुनिया के विकसित देशों के मुकाबले भारत भी रिसर्च और इनोवेशन के क्षेत्र में पूरी ताकत के साथ खड़ा हो सकेगा। फिलहाल मोदी सरकार इसकी मजबूत जमीन तैयार कर रही है।

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