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भारत को ग्लोबल चैंपियन बनाने और रोजगार बढ़ाने के लिए रोडमैप तैयार

मोदी सरकार देश को 5 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और कोरोना संकट के बावजूद सरकार देश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है साथ ही रोजगार बढ़ाने के लिए भी हर सेक्टर पर जोर दिया जा रहा है।

वैश्विक चैंपियन बनाना है लक्ष्य

5 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लिए मैनुफैक्चर सेक्टर को लगातार दोहरे अंकों में विकसित करना है। हमारी निर्माण कंपनियों को क्षमता और अत्याधुनिक तकनीक के साथ वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं का एक अभिन्न अंग बनने की आवश्यकता है। भारत को वैश्विक चैंपियन बनाने के लिए आत्मनिर्भर भारत के तहत 13 क्षेत्रों के लिए विनिर्माण उत्पादन लिंक्ड प्रोत्साहन योजनाएं घोषित की गई हैं।

इसके लिए  सरकार ने वित्त वर्ष 2021-22 में 5 वर्षों के लिए लगभग 1.97 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। यह पहल प्रमुख क्षेत्रों में स्केल और आकार लाने, वैश्विक चैंपियन बनाने और हमारे युवाओं को रोजगार प्रदान करने में मदद करेगी।

7 मेगा टेक्सटाइल पार्क बनाए जाएंगे

टेक्सटाइल यानी कि कपड़ा क्षेत्र भारत में सबसे अधिक रोजगार देने वाले क्षेत्रों में से एक है। कपड़ा उद्योग को विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए, बड़े निवेश को आकर्षित करने और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए, पीएलआई योजना के अलावा मेगा इन्वेस्टमेंट टेक्सटाइल्स पार्क (MITRA) की एक योजना शुरू की जाएगी। यह निर्यात में भारत को वैश्विक चैंपियन बनाने में सक्षम करने के लिए प्लग एंड प्ले सुविधाओं के साथ विश्व स्तर के बुनियादी ढांचे का निर्माण करेगा। बजट 2021 पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की है कि आने वाले तीन सालों में भारत में 7 मेगा टेक्सटाइल पार्क बनाए जाएंगे। जो कि चीन और वियतनाम की तर्ज पर विकसित होंगे। सरकार टेक्सटाइल सेक्टर को आकार बढ़ाकर 300 अरब डॉलर करेगी। अच्छी बात यह है कि टेक्सटाइल सेक्टर में की गई इस घोषणा से युवाओं को रोजगार के कई नए अवसर मिलेंगे। सरकार टैक्सटाईल पार्क बनाने के लिए काम कर रही है।

कपड़ा उद्योग को वैश्विक रूप् से प्रतिस्पर्धी और सक्षम बनाने के लिए अगले तीन सालों में कुल 7 टेक्सटाइल पार्क स्थापित किए जाएंगे।’- वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

स्टार्ट-अप की भूमिका महत्वपूर्ण

जॉब क्रिएटर्स बनाने के पीएम के दृष्टिकोण को देखते हुए आत्म निर्भर भारत के निर्माण में स्टार्ट-अप की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। स्टार्ट-अप्स को प्रोत्साहित करने के लिए बजट 2021 में स्टार्ट-अप्स के लिए टैक्स हॉलीडे दिया गया है, साथ ही स्टार्ट-अप्स में निवेश के लिए पूंजीगत लाभ की छूट को एक वर्ष और बढ़ा दिया गया है।

एफडीआई सीमा को बढ़ाकर 74% किया गया

उदारीकरण के बाद से स्थानीय नौकरियों के निर्माण में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। बीमा अधिनियम, 1938 में एफडीआई सीमा को बढ़ाकर 74% किया गया। सुरक्षा उपायों को ध्यान में रखते हुए विदेशी स्वामित्व और सही हाथों में नियंत्रण की अनुमति देने के साथ भारत की बीमा उत्पादों तक गहराई और पहुंच दोनों में वृद्धि होगी। रोजगार के अवसरों का सृजन होगा।

एमएसएमई सेक्टर को मजबूती

एमएसएमई सेक्टर भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और वर्तमान में कुल निर्यात का 48 प्रतिशत है। एमएसएमई में निर्यात के अवसरों को बढ़ाने के एक कदम के तौर पर  36 कपड़ों, चमड़े, और हस्तशिल्प वस्तुओं के निर्यातकों को प्रोत्साहन के रूप में शुल्क-मुक्त वस्तुओं के आयात पर छूट को युक्तिसंगत बनाया गया है। लगभग इन सभी वस्तुओं को हमारे एमएसएमई द्वारा घरेलू स्तर पर बनाया जाता है। कुछ तरह के चमड़े के आयात पर छूट को वापस लिया गया, क्योंकि वे घरेलू स्तर पर अच्छी गुणवत्ता और मात्रा में उत्पादित होते हैं, ज्यादातर एमएसएमई द्वारा और अपने घरेलू प्रसंस्करण को प्रोत्साहित करने के लिए तैयार सिंथेटिक रत्न पत्थरों पर सीमा शुल्क बढ़ाया गया।

स्किल बढ़ाने के लिए कई देशों से भागीदारी

2021 का बजट 130 करोड़ भारतीयों की अभिव्यक्ति है, जिन्हें अपनी क्षमताओं और कौशल पर पूरा भरोसा है। बदलती दुनिया ग्राहकों की जरूरतों को पूरा करने के लिए स्किल को लगातार निखारने की मांग करती है।

बजट 2021 देश के युवाओं को रोजगार की दिशा में नई उम्मीद प्रदान करता है । यूएई और जापान के साथ चल रही विभिन्न पहलों के साथ, भारत भविष्य की स्किल लैबोरेट्री बनने के लिए तैयार है।

संयुक्‍त अरब अमीरात (यूएई) के साथ भागीदारी में कौशल योग्‍यता, आकलन और प्रमाणीकरण के साथ-साथ प्रमाणीकृत कर्मियों की तैनाती के निर्धारण के लिए एक पहल प्रक्रियाधीन है। जापानी औद्योगिक और व्‍यावसायिक कौशल तकनीक और ज्ञान के हस्‍तांतरण में सहायता के लिए जापान और भारत में एक सहयोगात्‍मक ट्रेनिंगइंटर ट्रेनिंग प्रोग्राम (टीआईटीपी) भी चल रहा है। वित्‍त मंत्री ने कहा कि अधिक से अधिक देशों के साथ ऐसी पहल की जाएगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शिक्षा के साथ-साथ स्किल मैनेजमेंट पर भी जोर देते हैं ताकि रोजगार के अवसरों में भारी वृद्धि की जा सके और हुनर के मुताबिक रोजगार मिले।

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