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भारतीयों की वतन वापसी का अब तक का सबसे बड़ा एयरलिफ्ट- वंदे भारत मिशन

vande bharat mission

विदेश में फंसे भारतीयों को वापस लाने के लिए ‘वंदे भारत मिशन’ की बढ़ी रफ्तार

‘‘जान है तो जहान है। जब मैंने राष्ट्र के नाम संदेश दिया था, तो शुरुआत में इस पर जोर दिया था कि हर नागरिक की जान बचाने के लिए लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन बहुत जरूरी है। अब भारत के उज्जवल भविष्य के लिए, समृद्ध और स्वस्थ भारत के लिए जान भी, जहान भी, दोनों पहलुओं पर ध्यान देना जरूरी है।’’- पीएम मोदी (11 अप्रैल मुख्यमंत्रियों के साथ संबोधन के दौरान)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगभग महीने भर पहले ही कहा था कि ‘जान भी जहान भी’, जो मोदी सरकार के कार्यों में नजर भी आ रहा है। इसी कड़ी में कोरोना वायरस संकट के बीच भारत सबसे बड़े वतन वापसी मिशन में जुट गया है। इसमें दुनिया के अलग-अलग कोनों में फंसे भारतीयों को वापस लाने का काम किया जा रहा है। यह मिशन एयर इंडिया और इंडियन नेवी मिलकर कर रही है। इसे वंदे भारत मिशन नाम दिया गया है। गुरुवार से ही विदेश में फंसे भारतीयों को वापस लाने का काम शुरु हो गया है। देर रात अबु-धाबी से लोगों को लेकर पहला विमान कोच्चि हवाई अड्डे पर पहुंच भी गया।

क्या है वंदे भारत मिशन और क्यों है जरूरी

दुनियाभर में फैलते कोरोना वायरस और लॉकडाउन के बीच विदेशों में हजारों की तादाद में भारतीय फंसे हुए हैं जो अपने देश लौटना चाहते हैं। कोरोना वायरस के चलते विदेशों में फंसे भारतीयों को निकालने के लिए भारत सरकार ने अभी तक के सबसे बड़े रेस्क्यू ऑपरेशन वंदे भारत मिशन की शुरुआत कर दी है। मोदी सरकार ‘वंदे भारत मिशन’ के तहत भारतीयों को पानी और हवाई मार्ग से वापस लाने का काम कर रही है।

इन देशों से लाए जा रहे हैं भारतीय

इस मिशन के तहत करीब 12 अलग-अलग देशों से भारतीयों को वापस भारत ला रही है मोदी सरकार। 7 मई से शुरू हुआ ये ऑपरेशन 7 दिनों तक चलेगा। इसमें यूएई, बांग्लादेश, अबुधाबी, कतर, सउदी अरब, बहरीन, कुवैत, ओमान, मलेशिया, सिंगापुर,बांग्लादेश,फिलीपींस,अमेरिका जैसे देशों में फंसे भारतीयों को वापस लेकर आया जाएगा। बांग्लादेश में फंसे 168 भारतीय छात्रों का पहला जत्था एयर इंडिया के एक विशेष विमान से शुक्रवार को स्वदेश रवाना हुआ।

समुद्र सेतु भी वंदे भारत मिशन का हिस्सा

भारतीय नौसेना के जहाज भी समुद्र सेतु मिशन से भारतीयों की कराएगी वतन वापसी। समुद्रसेतु भी वंदेभारत का ही हिस्सा है। नौसेना ने इस मिशन को समुद्र सेतु नाम दिया है।

ये है मोदी सरकार की योजना

इस मिशन के तहत केंद्र सरकार 64 फ्लाइट्स के जरिए फंसे हुए भारतीयों को बाहर निकालेगी। केंद्र सरकार की योजना के मुताबिक रोजाना 2000 लोग वापस लाए जाएंगे। भारतीयों को वापस लाने वाले विमान दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र, गुजरात, तेलंगाना, तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल, गुजरात जैसे राज्यों में उतरेंगे।

ये होगी प्रक्रिया

भारत लाने से पहले उनकी मेडिकल स्क्रीनिंग होगी। एसिंप्टोमेटिक यानि वो यात्री जिनके कोरोना वायरस के लक्षण नहीं दिखाई दे रहे हैं, उन्हें बोर्डिंग की अनुमति मिलेगी। इसके बाद भारत लाकर उन्हें फिर मेडिकल जांच से गुजरना होगा।

14 दिनों के लिए होंगे क्वारंटीन

भारत वापस लौटने वाले नागरिकों को उनके संबंधित जिलों में प्रशासन की ओर से तैयार किए गए क्वारंटीन सेंटर्स में रखा जाएगा। क्वारंटीन का वक्त पूरा करने के बाद ये लोग अपने घर जा सकेंगे।

करीब दो लाख लोग होंगे एयरलिफ्ट

वंदे भारत मिशन के तहत सरकार 1.92 लाख लोग यानी करीब दो लाख लोगों को वतन वापस लाया जाएगा।

अब तक का सबसे बड़ा एयरलिफ्ट

एयरलिफ्ट किए जा रहे लोगों का ये अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। नब्बे के दशक में खाड़ी युद्ध के दौरान वापस लाए गए भारतीयों से कहीं ज्यादा लोगों को इस बार एयरलिफ्ट किया जा रहा है।

ये हैं वंदे भारत मिशन के नायक

एयर इंडिया के सदस्य, डॉक्टर और भारतीय नेवी इस मिशन के नायक हैं। कोरोना काल में यही लोग हवाई जहाज और शिप को दुनिया के अलग-अलग देशों तक लेकर जा रहे हैं और भारतीयों की वतन वापसी हो पा रही है। विमान में मौजूद पायलट, स्टाफ, एयरपोर्ट पर मौजूद स्टाफ, इंडियन नेवी के सदस्य सभी वंदे भारत मिशन के असली नायक हैं जो जान की परवाह न करते हुए अपनों को वापस भारत लाने में जुटे हुए हैं।

मोदी सरकार कोरोना संकट काल में बड़ी सावधानी और जिम्मेदारी से देश को संभाल रही है साथ ही वंदे भारत मिशन के तहत विदेशों में फंसे भारतीयों के लिए भी ऐतिहासिक कदम उठा रही है।

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