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हरियाणा में जमीन विवाद हल और भूमि सुधार की सच्ची तस्वीर

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हरियाणा में जमीन शब्द का नाम आते ही घोटाले और विवाद की चर्चाएं जहन में आती थीं। मनोहर लाल के नेतृत्व में सरकार कई योजनाओं के जरिए हरियाणा में भूमि विवाद, सुधार और बदलाव का दावा करती है। इस लेख में हम हरियाणा में जमीनी विवाद के हल और किसानों के हित में लाई गई योजनाओं की सच्चाई की पड़ताल कर रहे हैं।

लाल डोरा की समाप्ति से होगा फायदा

हरियाणा में लाल डोरा की प्रथा खत्म हो गई। पहले लाल डोरा में मकान या जमीन के लिए कोई रजिस्ट्री नहीं हुआ करती थी। अब इस प्रथा के खत्म होने से लोग अपनी संपत्तियों का पंजीकरण करवा सकेंगे।

लाल डोरा खत्म करने से हरियाणा के करीब 70 फीसद गांव में बसने वाली आबादी को सीधा फायदा होगा। लाल डोरे के दायरे में आने वाली तमाम प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री हो सकेगी और भू-संपत्तियों की खरीद-फरोख्त शुरू होने के साथ ही जमीन की मार्केट वेल्यू में इजाफा होगा।

हाउसिंग सोसायटी के फ्लैट और प्लॉट का ब्योरा होगा ऑनलाइन

हरियाणा में जमीन के झगड़े से बचने के लिए राज्य सरकार ने उपयोगी कदम उठाया। प्रदेश में ग्रुप हाउसिंग सोसायटी व हाउस बिल्डिंग सोसायटी के आंकड़े ऑनलाइन किए जा रहे हैं। हरियाणा में करीब 1200 ग्रुप हाउसिंग सोसायटी व हाउस बिल्डिंग सोसायटी हैं। इनका पूरा डाटा ऑनलाइन किया जा रहा है। अभी तक 400 से अधिक सोसायटी का डाटा सहकारिता विभाग के पोर्टल पर अपलोड किया जा चुका है। इन समितियों में प्लॉट व फ्लैट लेने के इच्छुक लोग पोर्टल पर जमीन से जुड़ी तमाम तरह की जानकारी ले सकेंगे, जिससे फर्जीवाड़े की आशंका नहीं रहेगी। ग्रुप हाउसिंग सोसायटी व हाउस बिल्डिंग सोसायटी का डाटा ऑनलाइन होने से प्लॉट या भवन खरीदने की तैयारी कर रहे लोगों को काफी मदद मिलेगी।

भूमि विवाद निपटाने के लिए किया था हरेरा का गठन

पहले के भूमि विवादों को निपटाने के लिए प्रदेश सरकार पहले ही हरियाणा रीयल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (हरेरा) का गठन कर चुकी है।

भूमि सौदे में पारदर्शिता के लिए ई-भूमि पोर्टल

हरियाणा सरकार ने हरियाणा में जमीन के सौदों में पारदर्शिता प्रदान करने के लिए ई-भूमि पोर्टल शुरू किया। हरियाणा राज्य औद्योगिक और बुनियादी ढांचा विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) द्वारा विकसित सरकारी परियोजनाओं के लिए ई-भूमि भूमि खरीद पोर्टल शुरू किया गया है। इस ऑनलाइन पोर्टल की मदद से लोग सरकार को अपनी जमीन बिना परेशानी के बेच सकते हैं। इस नीति का उद्देश्य किसानों को भूमि की मजबूरन बिक्री करने से रोकना और हरियाणा राज्य में विकास परियोजनाओं के लिए स्थल निर्धारित करते समय निर्णय लेने में भू-मालिकों को शामिल करना है। यह पोर्टल सटीक भूमि डेटा बनाए रखने में सहायता करता है। इससे राज्य सरकार को अपना जमीन बैंक तैयार करने में मदद मिलेगी। जमीन के मालिकों द्वारा सरकार को जमीन की बिक्री के लिए स्वैच्छिक ऑफर भी इस पोर्टल के माध्यम से संचालित होंगे।

हरियाणा ऑनलाइन भूमि रिकॉर्ड्स सेवा ‘अपना खाता’

हरियाणा सरकार ने ‘अपना खाता’ नाम से एक नया पोर्टल शुरु किया है, जहां से हरियाणा के लोग ऑनलाइन सारा भूमि रिकॉर्ड देख सकते हैं। अपना खाता नाम की योजना का मुख्य उद्देश्य लोगों के लिए ऑनलाइन भूमि का पूरा ब्योरा प्रदान करना है। अपना खाता सुविधा से कोई भी भूमि अभिलेखों के लिए आसानी से आवेदन कर सकता है, ऑनलाइन खेत, खतौनी, हिस्सा, इंतकाल और जमाबंदी की नकल प्राप्त कर सकता है। इस योजना के तहत उपयोगकर्ता अपने खेत का नंबर, खतौनी नंबर और अपना हिस्सा नंबर भी पा सकते हैं।

रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी का लाइसेंस रद्दीकरण प्रक्रिया में

हरियाणा टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी स्काईलाइट हॉस्पिटेलिटी प्राइवेट लिमिटेड को वर्ष 2008 में दिया गया रियल एस्टेट डेवलपमेंट लाइसेंस यानि कॉलोनाइजेशन लाइसेंस कैंसिल करने की तैयारी कर रहा है। हरियाणा विकास, विनियमन और शहरी क्षेत्र अधिनियम, 1975 के प्रावधानों के तहत लाइसेंस रद्द करने की औपचारिकताएं विभाग ने पूरी कर ली हैं।

मनोहर सरकार ने हरियाणा में भूमि सुधारों और जमीन विवाद हल को प्राथमिकता दी है, जिसका असर भी दिखाई देने लगा है।

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