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मनोहर खट्टर सरकार हरियाणा के अन्नदाता को उर्जादाता बनाने में कितनी सक्षम हुई, एक रिपोर्ट

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर कहते हैं कि उनकी सरकार तेजी से किसानों की आय दोगुनी करने के लिए योजनाएं लागू कर रही है, पर क्या वाकई में हरियाणा सरकार अन्नदाता को उर्जादाता बनाने की राह पर है। इस लेख में हम मनोहर सरकार द्वारा किसानों के लिए किए गए विकास कार्यों और योजनाओं की पड़ताल कर रहे हैं-

4,750 करोड़ रुपये का ब्याज और जुर्माना माफ

भाजपा शासित हरियाणा सरकार ने 2 सितंबर 2019 को सहकारी बैंकों से लिए गए फसली ऋणों पर 4,750 करोड़ रुपये का ब्याज और जुर्माना माफ किया। इससे राज्य के करीब 10 लाख किसानों को फायदा होगा। इसके अलावा मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने किसानों द्वारा सहकारी बैंको से लिए गए मूल ऋण की अदायगी की अंतिम तिथि बढ़ाकर 30 नंवबर 2019 करने की भी घोषणा की।

'मेरी फसल मेरा ब्यौरा' योजना

‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ योजना में एक पोर्टल के माध्यम से भूमि और फसल से संबधित मुआवजे और सब्सिडी की तमाम जानकारी किसानों को दी जा रही है। इसमें रजिस्ट्रेशन कराने वाले किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा। खाली जमीन का रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी है। भविष्य में यह पोर्टल किसानों के लिए वन स्टॉप सेंटर की तरह होगा, जहां किसानों को सभी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।’ किसानों के लिए एक ही जगह पर सारी सरकारी सुविधाओं की उपलब्धता और समस्या निवारण के लिए यह एक अनूठा प्रयास है। इसके माध्यम से किसानों को कृषि संबंधित जानकारियां समय पर उपलब्ध कराना व खाद्य ,बीज, ऋण एवं कृषि उपकरणों की सब्सिडी समय पर उपलब्ध करवाया जा रहा है साथ ही फसल की बिजाई-कटाई का समय और मंडी संबंधित जानकारी भी उपलब्ध की जाती है। प्राकृतिक आपदा-विपदा के दौरान ये पोर्टल किसानों को सही समय पर सहायता दिलाने में सहायक है।

धान की खेती छोड़ने वालों को सब्सिडी

हरियाणा को जल संकट से उबारने की दिशा में मनोहर सरकार ने बड़ा कदम उठाया। राज्य सरकार उन किसानों को प्रोत्साहन के रूप में सब्सिडी प्रदान कर रही है, जो धान की खेती छोड़कर मक्का और अरहर की खेती कर रहे हैं। ऐसे किसानों को चार से साढ़े चार हजार रुपये प्रति एकड़ तक प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। इसमें नगद प्रोत्साहन, बीज और किसानों की फसल का बीमा प्रीमियम शामिल है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने गिरते भूजल स्तर पर चिंता जताते हुए किसानों को फसल विविधिकरण की तरफ मोड़ने की अति महत्वाकांक्षी योजना तैयार की।

बिजली बिलों की समस्या से राहत

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने प्रदेश के अन्नदाता की चिंता करते हुए उनके ट्यूबवेलों के बिजली बिलों की सरचार्ज राशि माफ करने की घोषणा की। राज्य सरकार ने बिजली निगमों के डिफाल्टर 2.44 लाख किसानों का ट्यूबवेल बिलों का सरचार्ज माफ कर दिया।

कृषि और सहकारिता के लिए विशेष बजट का ऐलान

मनोहर सरकार ने फरवरी 2019 में राज्य सरकार को जो बजट पेश किया उसमें कृषि विभाग के लिए 3,834.33 करोड़ रुपये का प्रस्ताव किया गया। कृषि क्षेत्र के लिए 2,210.51 करोड़ रुपये, पशुपालन के लिए 1,026.68 करोड़ रुपये, बागवानी के लिए 523.88 करोड़ रुपये और मत्स्य पालन के लिए 73.26 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया। सहकारिता के लिए 1,396.21 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया।

किसान पेंशन और अन्य योजनाएं

बजट में पीएम किसान सम्मान निधि की तर्ज पर किसान पेंशन और अन्य योजनाओं के लिए 1500 करोड़ रुपये का प्रस्ताव किया गया। इससे 15 हजार मासिक से कम आय वाले और पांच एकड़ तक की भूमि के किसान परिवारों और असंगठित क्षेत्र के कामगारों को लाभ होगा।

मुख्यमंत्री परिवार सम्मान निधि योजना

केंद्र सरकार की तर्ज पर मुख्यमंत्री परिवार सम्मान निधि योजना मुख्य रूप से राज्य के किसानों और असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए है। विशेषत: वो किसान जो 5 एकड़ तक के क्षेत्रों के साथ भूमि पर खेती करते हैं और 15,000 रुपये प्रति माह से कम की आय वाले परिवार हैं। यह योजना 6,000 रुपये वार्षिक प्रदान करती है और प्रत्येक परिवार को एक सदस्य को नामित करना होगा जिसे यह राशि प्रदान की जाएगी। योजना में लाभार्थियों की दो श्रेणियां शामिल हैं- 18 से 40 वर्ष का आयु वर्ग और 40 से 60 वर्ष का आयु वर्ग। यह योजना प्राकृतिक मृत्यु पर 2 लाख रुपये की बीमा सुविधा प्रदान करती है। आकस्मिक मृत्यु के लिए 2 लाख रुपये, स्थायी विकलांगता के लिए 2 लाख रुपये और आंशिक विकलांगता के लिए 1 लाख रुपये भी प्रदान करती है।

राज्य में जल स्तर बढ़ाने के लिए तालाब प्राधिकरण का गठन

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 52वें हरियाणा दिवस को जल संरक्षण को समर्पित करते हुए ‘हरियाणा राज्य तालाब प्राधिकरण’ के गठन का ऐलान किया। जल्द ही हरियाणा में तालाब प्राधिकरण भी बना, जिसके अंतर्गत 14 हजार तालाबों में जल संरक्षण की व्यवस्था बनाई गई है। हरियाणा तालाब और अपशिष्ट जल प्रबंधन प्राधिकरण अध्यादेश, 2018 लागू होना जल प्रबंधन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

जलभराव से खराब हुई फसलों के लिए भी मुआवजा

मनोहर सरकार ने 2018 में जलभराव के कारण फसलों के नुकसान पर 12 हजार रुपये प्रति एकड़ और बिजाई से खाली रह गई जमीन के लिए 6000 रुपये प्रति एकड़ की दर से मुआवजे की राहत दी। ये बड़े ऐलान मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर ने हरियाणा विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान किए।

बंद नलकूप कनेक्शन किए चालू

मनोहरलाल सरकार ने बरसों से बंद पड़े नलकूप कनेक्शन फिर चालू करने का निर्णय लिया। 44 हजार कृषि ट्यूबवेल कनेक्शन चार दिन के भीतर जारी किए।

अनुदान पर मिलेंगे सोलर पंप, किसानों की होगी बचत

सरकार के निर्देश पर नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग हरियाणा द्वारा यह निर्णय लिया गया कि जो किसान डीजल पंप से सिंचाई कर रहा है उसे 3 एचपी से 10 एचपी तक के सौर ऊर्जा पंप 75 प्रतिशत अनुदान पर दिए जाएंगे, क्योंकि डीजल पंप से सिंचाई करने पर किसान का काफी खर्चा होता है और पर्यावरण भी दूषित होता है। इसके अलावा गोशालाओं, वाटर यूजर एसोसिएसन, सामूहिक सिंचाई सिस्टम को भी 75 प्रतिशत अनुदान पर सौर ऊर्जा पंप दिए जाएंगे।

किसानों की जमीन का दोगुना मुआवजा

हरियाणा में अब किसानों को उनकी अधिगृहीत जमीन का दोगुना मुआवजा मिल रहा है। मुआवजे पर सरकार ने सौ फीसद सोलेशियस (सांत्वना राशि) देने का निर्णय लिया। नए नियम के मुताबिक अगर ग्रामीण क्षेत्र की जमीन किसी सरकारी या अर्द्ध सरकारी काम के लिए अधिगृहीत की जाती है और वह जमीन साथ लगते किसी भी शहरी क्षेत्र से 30 किलोमीटर दूर है तो उस जमीन का सरकारी मुआवजा मार्केट रेट का दोगुना रहेगा।

भावांतर भरपाई योजना

हरियाणा सरकार द्वारा भावांतर भरपाई योजना के तहत किसानों की फसलों को पंजीकरण करने का निर्णय लिया गया, जिसके तहत पंजीकरण करवाने वाले किसानों को सरकार के निर्धारित मूल्य पर अपनी फसल बेचने का मौका मिल सकेगा और उनकी फसलों का उचित मूल्य मिल सकेगा। हरियाणा सरकार द्वारा आलू, टमाटर, प्याज, फूलगोभी व बंदगोभी को इस योजना में शामिल किया है। इस योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को अपनी फसल का निर्धारित समय में पंजीकरण करवाना होता है और जब फसल का दाम मंडी में कम हो तो उसे सरकार निर्धारित मूल्य पर खरीदती है ताकि किसानों को लागत मूल्य मिल सके।

प्रधानमंत्री किसान मानधन स्कीम में हरियाणा नंबर वन

प्रधानमंत्री मानधन योजना के तहत 9 अगस्त को रजिस्ट्रेशन शुरू हुआ था। इसमें अब तक देश भर में 16,65,060 किसान रजिस्ट्रेशन करवा चुके हैं।  इसमें सबसे अधिक 399794 किसान हरियाणा के हैं। इस मामले में हरियाणा ने यूपी को भी पीछे छोड़ दिया है।

हरियाणा कृषि और पशुपालन पर आधारित राज्य है और कोई भी सरकार इनकी अनदेखी कर राज्य का विकास नहीं कर सकती है। सत्ता में आने के बाद से मनोहर सरकार ने अन्नदाता को उर्जादाता बनाने के प्रयास को सार्थक सिद्ध किया है। मनोहर सरकार की योजनाएं काफी हद तक किसानों के लिए हितकारी साबित हुई हैं।

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