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शिक्षित देश ही बनता है विश्वगुरु, वेदों से विज्ञान तक सर्वश्रेष्ठ भारत

परिवर्तन ही अटल है और भारत का शिक्षा परिदृश्य परिवर्तन के लिए पुकार रहा है। सुस्त नेतृत्व और निहित स्वार्थों ने शिक्षा में सुधारों को रोके रखा था। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा सोमवार को पेश वित्त वर्ष 2021-22 के आम बजट में में शिक्षा मंत्रालय को 93,224.31 करोड़ रूपए आवंटित किए गए हैं जो चालू वित्त वर्ष के संशेधित अनुमानों से 8,100 करोड़ रूपए अधिक है।

15,000 से अधिक स्कूल होंगे मजबूत

बजट 2021 आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के अपने व्यापक उद्देश्य को सही मायनों में पूरा करता है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के मानदंडों के अनुसार 15,000 से अधिक स्कूलों को मजबूत किया जाएगा।

देश के 15,000 से अधिक स्कूल राष्ट्रीय शिक्षा नीति के सभी पक्षों को शामिल करेंगे जिससे देश में शिक्षा की गुणवता को मजबूत किया जा सके और वे अपने क्षेत्र के लिए बेहतर स्कूल के उदाहरण के रुप में उभर सकें।– वित्त मंत्री, निर्मला सीतारमण

100 नए सैनिक स्कूल

एनईपी को प्रासंगिक और समय पर सीखने के अनुभव प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जो भारत को विश्व गुरु बनाने के पीएम मोदी के दृष्टिकोण को पूरा करेगा। इसके अलावा शिक्षा की पहुंच को और गहराई प्रदान करते हुए, एनजीओ / निजी स्कूलों / राज्यों के साथ साझेदारी में 100 नए सैनिक स्कूल स्थापित किए जाएंगे।

नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को तहे दिल से स्वीकार किया गया है। इसे देखते हुए गैर सरकारी संगठनों और राज्यों के साथ भागीदारी में 100 नए सैनिक स्कूल स्थापित होंगे। इसके लिए प्राइवेट सेक्टर की मदद ली जाएगी।- वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

उच्चतर शिक्षा आयोग की स्थापना

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की भारत के उच्चतर शिक्षा आयोग की स्थापना की पहल से उन लोगों की भूमिका कम हो जाएगी जिन्होंने एजेंडा चलाने के लिए शिक्षा का इस्तेमाल किया किया। इससे देश सर्वश्रेष्ठ शिक्षकों के अनुभव का लाभ उठाने में सक्षम हो सकेगा।

बजट 2019-20 में मैंने भारतीय उच्चतर शिक्षा आयोग गठित करने के बारे में उल्लेख किया था। हम उसे क्रियान्वित करने के लिए इस वर्ष विधान पेश करेंगे। यह एक शीर्ष निकाय होगा जिसमें मानक बनाने, प्रत्यायन एवं मान्यता, विनियमन एवं वित्त पोषण के लिए चार अलग-अलग घटक होंगे।– वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

750 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय

देश के नौ शहरों में छत्रक संरचनाओं की स्‍थापना होगी। इनका काम संस्‍थानों के साथ समन्‍वय होगा। वहीं लेह में एक केंद्रीय विश्वविद्यालय भी स्थापित किया जाएगा। वित्‍त मंत्री ने बताया कि बजट में 750 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों की लागत बढ़ाने के प्रावधान किया गया है। इसे 20 करोड़ से बढ़ाकर 38 करोड़ रुपये करने के बजट में प्रस्ताव है। पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों के लिए इसे बढ़ाकर 48 करोड़ रुपये करने का प्रावधान किया गया है।

हमने अनुसूचित जाति के कल्याण के लिए पोस्टमैट्रिक छात्रवृत्ति योजना का पुनरूद्धार किया है। हमने इस संबंध में केंद्र की सहायता में भी वृद्धि की है। हम अनुसूचित जाति के 4 करोड़ विद्यार्थियों के लिए 2025-26 तक की छह वर्षो की अवधि के लिए 35,219 करोड़ रूपए का आवंटन कर रहे हैं।– वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

कई विश्‍वविद्यालयों सहित जामिया मिलिया इस्‍लामिया की कुलपति ने की सराहना

सरकार की इस पहल को कई विश्‍वविद्यालयों और आईआईटी दिल्‍ली ने सराहा है।  जामिया मिलिया इस्‍लामिया की कुलपति प्रो नजमा अख्‍तर ने इसे उच्‍च श‍िक्षा और शोध के क्षेत्र में अच्‍छी पहल बताया। उन्‍होंने कहा क‍ि बजट 2021-22 से भारत में उच्च शिक्षा को बढ़ावा म‍िलेगा। उन्‍होंने कहा क‍ि बजट 2021-22 से भारत में उच्च शिक्षा को बढ़ावा म‍िलेगा। कुल शिक्षा बजट में से सरकार ने उच्‍चश‍िक्षा के लिए 38,350.65 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।

प्राचीन भारत शिक्षा का सबसे बड़ा केंद्र था और गुरुकुल की परंपरा भी यहीं से विकसित हुई थी। हमारा देश वेदों से विज्ञान तक सर्वश्रेष्ठ रहा है। शिक्षा को एक बार फिर नई उंचाई पर ले जाकर पीएम मोदी एक भारत श्रेष्ठ भारत के संकल्प को पूरा करने में जुटे हैं।

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