Explained National

आत्मनिर्भर भारत को मजबूत करने वाला अभूतपूर्व ‘आपदा में अवसर’ बजट

2021-22 का बजट 6 स्तंभों पर टिका है। पहला स्तंभ है स्वास्थ्य और कल्याण, दूसरा-भौतिक और वित्तीय पूंजी और अवसंरचना, तीसरा-अकांक्षी भारत के लिए समावेशी विकास, चौथा मानव पूंजी में नवजीवन का संचार करना, पांचवां-नवाचार और अनुसंधान और विकास और छठवां स्तंभ-न्यूनतम सरकार व अधिकतम शासन।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2021-22 के बजट के जरिए न्यू इंडिया का खाका देश के समक्ष रखा। कोरोना महामारी की पृष्ठभूमि में अभूतपूर्व बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हेल्थकेयर, इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में निवेश के जरिए रोजगार सृजन पर जोर दिया है।

पीएम मोदी ने गरीब तबकों के लिए खजाना खोले रखा। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना, आत्मनिर्भर योजना मिनी बजट की तरह ही है। आत्मनिर्भर पैकेज ने रिफॉर्म को आगे बढ़ाया। वन नेशन, वन राशन कार्ड, प्रोडक्शन लिंक्ड इनसेंटिव, फेसलेस इनकम टैक्स असेसमेंट जैसे सुधार आगे बढ़ाए गए।

-वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

तीन हफ्ते के कंपलीट लॉकडाउन के दौरान प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना शुरू की गई। इससे 80 करोड़ लोगों को फायदा मिला। आठ करोड़ परिवारों को मुफ्त गैस सिलिंडर मिला। बड़ी आबादी घर में थी। इसके बावजूद हेल्थ वर्कर, बैंक वर्कर, बिजली वाले, हमारे अन्नदाता और जवान नॉर्मल तरीके से काम करते रहे।‘

हमारे पास आज दो वैक्सीन आज मौजूद हैं। 100 से ज्यादा देशों को इसका फायदा मिल रहा है। दो से ज्यादा वैक्सीन और आने वाले हैं। पीएम मोदी ने हमारे वैज्ञानिकों को धन्यवाद दिया है। हमारी लड़ाई 2021 में भी जारी है। दो विश्व युद्ध की तरह पोस्ट कोविड दुनिया में रणनीतिक संबंधों में भी बदलाव आएगा। भारत लैंड ऑफ होप की तरह देखा जाएगा।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

हेल्थ सेक्टर के लिए लॉन्च होगी आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना का ऐलान किया। इसके लिए सरकार की ओर से 61 हजार करोड़ रुपये दिए गए हैं और स्वास्थ्य के बजट को बढ़ाया गया है। इसी के साथ सरकार की ओर से WHO के स्थानीय मिशन को भारत में लॉन्च किया जाएगा।

प्रिवेंटिव, क्यूरेटिव और वेल बीईंग (रोकथाम, इलाज और सेहत ), पीएम आत्मनिर्भर स्वास्थ्य योजना शुरू होगी। इस पर 61 हजार करोड़ रुपए अगले 6 साल में खर्च होंगे। प्राइमरी से लेकर उच्च स्तर तक की स्वास्थ्य सेवाओं पर खर्च किया जाएगा। नई बीमारियों पर फोकस होगा। नैशनल हेल्थ मिशन से अलग होगा। 75 हजार ग्रामीण हेल्थ सेंटर, सभी जिलों में जांच केंद्र, क्रिटिकल केयर हॉस्पीटल ब्लॉक 602 जिलों में,  नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल, इंटिग्रेडेट हेल्थ इनफो पोर्टल को मजबूत बनाया जाएगा।

कोरोना वैक्सीन के लिए 35 हजार करोड़ रुपये का ऐलान। स्वास्थ्य क्षेत्र के बजट को 137 फीसदी तक बढ़ाया गया। 2 लाख 32 हजार करोड़ रुपए का हेल्थ बजट।

स्वच्छ भारत मिशन और मिशन पोषण 2.0

स्वच्छ भारत मिशन को आगे बढ़ाया जाएगा, जिसके तहत शहरों में अमृत योजना को आगे बढ़ाया जाएगा। वित्त मंत्री की ओर से मिशन पोषण 2.0 का ऐलान किया गया है। शहरी स्वच्छ भारत मिशन 2.0 पर एक लाख 41 हजार करोड़ रुपए खर्च होंगे। पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए अगले पांच साल में दो हजार करोड़ रुपए स्वच्छ हवा पर खर्च होंगे।

इंफ्रास्ट्रक्चर

इंफ्रा सेक्टर पर 5.5 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

नेशनल इंफ्रा पाइपलाइन

7,400 से अधिक परियोजनाओं तक विस्तारित

2000 से अधिक परियोजनाएं पहले से ही स्वीकृत हैं

तीन चरण की प्रक्रिया – संस्थागत संरचना; संपत्ति का मुद्रीकरण और राज्य और केंद्रीय बजटों में कैपेक्स की हिस्सेदारी बढ़ाना। निर्माण के लिए आवश्यक इंफ्रा के लिए दीर्घकालिक ऋण वित्तपोषण – विकासशील वित्तीय संस्थान स्थापित करने के लिए एक बिल पेश किया जाना है – पूंजीकरण के लिए 20 हजार करोड़ आवंटित किया जाएगा – 3 साल के भीतर 5 लाख करोड़ का ऋण पोर्टफोलियो।

उपयुक्त विधायी संशोधनों के साथ एफपीआई आधारित ऋण वित्तपोषण सक्षम होगा,  आरई और अन्य इन्फ्रा के लिए ऋण संवर्धित धन की अनुमति दी जाएगी। नए इंफ्रा कंस्ट्रक्शन के लिए ऑपरेटिंग पब्लिक इंफ्रा एसेट्स का महत्वपूर्ण फाइनेंसिंग ऑप्शन – इसी तरह प्रोग्रेस को ट्रैक करने और विदेशी निवेशकों को विजिबिलिटी प्रदान करने के लिए नेशनल मोनेटाइजेशन पाइप लाइन को लॉन्च किया जाएगा।

एनएचएआई और पीजीसीआईएल पहली लक्षित एजेंसियां ​​- 5000 करोड़ की 5 सड़कें एनएचएआई को हस्तांतरित की जा रही हैं – पीजीसीआईएल द्वारा 5 ट्रांसमिशन लाइनें; टियर II और III  की रेलवे परिसंपत्तियां और हवाई अड्डे भी प्रबंधन और परिचालन उद्देश्यों के लिए मुद्रीकृत किए जाएंगे।

टेक्सटाइल्स पार्क

देश में 7 टेक्स्टाइल पार्क बनाए जाएंगे,  इससे भारत इस सेक्टर में एक्सपोर्ट करने वाला देश बनेगा। ये पार्क तीन साल में तैयार किए जाएंगे।

 

हाइवे

11,000 किलोमीटर के हाईवे का काम पूरा हुआ, मार्च 2022 तक 8500 किलोमीटर के हाईवे बनाए जाएंगे। तमिलनाडु में नेशनल हाइवे प्रोजेक्ट (1.03 लाख करोड़), इसी में इकॉनोमिक कॉरिडोर बनाए जाएंगे। केरल में भी 65 हजार करोड़ रुपये के नेशनल हाइवे बनाए जाएंगे। मुंबई-कन्याकुमारी इकॉनोमिक कॉरीडोर का ऐलान। पश्चिम बंगाल में भी कोलकाता-सिलीगुड़ी के लिए भी नेशनल हाइवे प्रोजेक्ट का ऐलान। वित्त मंत्री ने असम में अगले तीन साल में हाइवे और इकॉनोमिक कॉरिडोर का ऐलान किया। 6500 किलोमीटर हाईवे पश्चिम बंगाल में बनाया जाएगा। इस पर 25 हजार करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इसमें कोलकाता-सिल्लीगुड़ी रोड का रिपेयर भी शामिल है।

रेलवे, NHAI, एयरपोर्ट अथॉरिटी के पास अब कई प्रोजेक्ट को अपने स्तर पर जारी करने की ताकत होगी। पूजीगंत व्यय के लिए 5 लाख करोड़ से अधिक के बजट का ऐलान। इससे अतिरिक्त राज्य और स्वतंत्र निकाय को दो लाख करोड़ रुपये भी दिए जाएंगे।

रेलवे

राष्ट्रीय रेल योजना 2030 तैयार है। कुल 1.10 लाख करोड़ रुपये का बजट रेलवे को दिया गया है। भारतीय रेलवे के अलावा मेट्रो, सिटी बस सेवा को बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। इसके लिए 18 हजार करोड़ रुपये की लागत लगाई जाएगी। अब मेट्रो लाइट को लाने पर जोर दिया जा रहा है। कोच्चि, बेंगलुरु, चेन्नई, नागपुर, नासिक में मेट्रो प्रोजेक्ट को बढ़ावा देने का ऐलान किया गया।

 

इंश्योरेंस सेक्टर में FDI को बढ़ावा

अब इंश्योरेंस सेक्टर में 74 फीसदी तक FDI हो सकेगी, पहले यहां पर सिर्फ 49 फीसदी तक की ही इजाजत थी। निवेशकों के लिए चार्टर बनाने का ऐलान।

किसान एवं मजदूर

सरकार 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने पर कायम है। पीएम ने 80 मिलियन परिवारों को कई महीनों तक मुफ्त गैस मुहैया कराया, 40 मिलियन से अधिक किसानों, महिलाओं, गरीबों के लिए सीधे नकद राशि मुहैया कराई गई। 2013-14 में गेहूं पर सरकार ने 33 हजार करोड़ रुपए खर्च किए। 2019 में मोदी सरकार ने 63 हजार करोड़ रुपए की खरीदारी की जो बढ़ कर लगभग 75 हजार करोड़ रुपए हो गई है। 2020-21 में 43 लाख किसानों को इसका फायदा मिला।

धान खरीदारी पर 2013-14 में 63 हजार करोड़ रुपए खर्च हुए। इस बार यह बढ़कर 1 लाख 45 हजार करोड़ रुपए हो चुका है। इस साल ये आंकड़ा एक लाख 72 हजार करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है। 1.2 करोड़ किसानों को पिछले साल फायदा हुआ। इस बार 1.5 करोड़ किसानों को फायदा हुआ।

 ‘‘इस बजट में देश में कृषि क्षेत्र को मजबूती देने के लिए और किसानों की आय बढ़ाने के लिए बहुत जोर दिया गया है। किसानों को आसानी से और ज्यादा ऋण मिल सकेगा। देश की मंडियों को और मजबूत करने के लिए प्रावधान किया गया है। ये सब निर्णय दिखाते हैं कि इस बजट के दिल में गांव हैं, हमारे किसान हैं।’’– पीएम मोदी

दाल की खरीदारी में 236 करोड़ रुपए 2014 में खर्च हुए। सरकार इस साल 10 हजार 500 करोड़ रुपए की खरीदारी करेगी। इसमें 40 गुना इजाफा हुआ है। इसी साल स्वामित्व स्कीम शुरु किया गया। अब तक 1.8 लाख लोगों को कार्ड मिला है। 2021 में सभी राज्यों को इसके दायरे में लाया जाएगा।

MSP बढ़ाकर उत्पादन लागत का 1.5 गुना किया गया है। सरकार किसानों की भलाई के लिए प्रतिबद्ध।

APMC के एग्री इंफ्रा फंड बनाने का ऐलान।

1,000 नई ई-मंडियां खोली जाएंगी।

किसान कर्ज के लिए 16.5 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान।

5 नए फिशिंग हब खोलने की भी योजना।

तमिलनाडु में फिश लैंडिंग सेंटर का विकास किया जाएगा।

प्रवासी मजदूरों के लिए देशभर में एक देश-एक राशन योजना शुरू की गई है।

असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए एक पोर्टल बनेगा।

बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन वर्कर के लिए हेल्थ, हाउसिंग और फूड स्कीम शुरू होगी।

इसी साल स्वामित्व स्कीम शुरु किया गया। अब तक 1.8 लाख लोगों को कार्ड मिला है। 2021 में सभी राज्यों को इसके दायरे में लाया जाएगा।

शिक्षा

नैशनल एजुकेशन पॉलिसी को तहे दिल से स्वीकार किया गया है। 100 नए सैनिक स्कूल बनेंगे। इसके लिए प्राइवेट सेक्टर की मदद ली जाएगी। हायर एजुकेशन कमीशन बनेगा। इसके लिए कानून में संशोधन किया जाएगा। 15 हजार आदर्श स्कूल खोले जाएंगे।  लेह में सेंट्रल यूनिवर्सिटी खोली जाएगी। नेशनल रिसर्च फाउंडेशन पर 50,000 करोड़ रुपये खर्च करेंगे। आदिवासी इलाकों में 750 एकलव्यू स्कूल खोले जाएंगे। देशभर में 100 नए सैनिक स्कूल खोले जाएंगे। इंजीनियरिंग डिप्लोमा पर ज्यादा जोर रहेगा। उच्च शिक्षा कमीशन के गठन पर इस साल से काम शुरू होगा। अनुसूचित जाति के 4 करोड़ विद्यार्थियों के लिए 35 हजार करोड़ रुपये आवंटित का गया। संयुक्त अरब अमीरात के साथ मिलकर स्किल ट्रेनिंग पर काम किया जा रहा है, जिससे लोगों को काम मिल सके। भारत और जापान मिलकर भी एक प्रोजेक्ट को चला रहे हैं।

डिजिटल और स्पेस

डिजिटल इंडिया के लिए 3700 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए 1500 करोड़ रुपये का प्रावधान है। अगली जनगणना डिजिटल तरीके से होगी। डिजिटल जनगणना पर 3768 करोड़ रुपये खर्च करेंगे। न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड इस बार PSLV-CS51 को लॉन्च करेगा। गगनयान योजना के तहत चार भारतीय एस्ट्रोनॉट की ट्रेनिंग रूस में चल रही है । गगनयान मिशन का मानव रहित पहला लॉन्च इसी साल दिसंबर में होगा।

बिजली

ग्राहक अब मर्जी से पावर डिस्ट्रीब्यूटर चुन सकेंगे। 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक लागत की स्कीम लॉन्च की जा रही है, जो देश में बिजली से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने का काम करेगा। हाइड्रोजन प्लांट बनाने का भी ऐलान किया गया। बिजली क्षेत्र में PPP मॉडल के तहत कई प्रोजेक्ट को पूरा किया जाएगा। उज्ज्वला योजना से 8 करोड़ को फायदा पहुंचा, अब 1 करोड़ नए लोगों को जोड़ा जाएगा।

किफायती और रेंटल हाउसिंग

सभी के लिए घर, रियायती दर पर घर सरकार का लक्ष्य है। सस्ते घरों के लोन पर मिलने वाली 1.5 लाख रुपये की टैक्स छूट 2022 तक जारी रहेगी। आपूर्ति उछाल के लिए – ऐसे उत्पादों के लिए एक और वित्त वर्ष की मोहलत मिली है। किराये का आवास आपूर्ति उछाल – किफायती आवास किराये की परियोजनाओं के लिए कर छूट। विमान पट्टे पर देने वाली कंपनियों, IFSC कंपनियों के लिए टैक्स हॉलीडे दिया गया है। पीएफ में जमा समय पर सुनिश्चित करने के लिए – नियोक्ता के लिए कटौती के रूप में देर से जमा करने की अनुमति नहीं है।

स्टार्टअप

स्टार्टअप शुरू करने वालों के लिए अच्छी खबर, 31 मार्च 2022 तक कोई टैक्स नहीं देना होगा । पूंजीगत लाभ की छूट मिली है।

डायरेक्ट टैक्स/प्रत्यक्ष कर

विश्व के मुकाबले भारत में कॉरपोरेट टैक्स दर सबसे कम है। छोटे करदाता का बोझ कम किया गया; 2013-14 में 3 करोड़ रिटर्न के मुकाबले 6.8 करोड़ रिटर्न दाखिल हुआ। वरिष्ठ नागरिकों को राहत, 75 साल से ज्यादा की उम्र के लोगों को इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की जरूरत नहीं। पेंशन से हुई इनकम पर भी टैक्स नहीं देना होगा। टैक्स ऑडिट की लिमिट 5 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 10 करोड़ की गई। 3 साल से पुराने टैक्स के पेंडिंग मामले नहीं खोले जाएंगे। विवादों के निपटारे के लिए कमेटी गठित होगी। NRIs को इनकम टैक्स में ऑडिट से छूट मिलेगी, इस बार उन्हें डबल टैक्स सिस्टम से छूट दी जा रही है। फेसलेस आईटीएटी – अपीलीय ट्रिब्यूनल भी फेसलेस होगी – फेसलेस इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल सेंटर सेटअप होगा, यदि आवश्यक होगा तो वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का उपयोग होगा।

डीडीटी- लाभांश भुगतान टीडीएस से मुक्त होगा, लाभांश के भुगतान की घोषणा के बाद ही अग्रिम कर देयता उत्पन्न होगी; विदेशी पोर्टफोलियो लाभांश कराधान दरों को कम किया जाएगा। संप्रभु निधियों के लिए 100 प्रतिशत की छूट – इसके विस्तार से राहत मिलेगी।

इनडायरेक्ट टैक्स/अप्रत्यक्ष कर

GST अब चार साल पुरानी हो गई है। जीएसटीएन सिस्टम की क्षमता भी बढ़ाई गई है। फेक बिलर्स की पहचान हो रही है। इसका नतीजा उत्साहजनक है। पिछले कुछ महीनों में रेकॉर्ड जीएसटी कलेक्शन हुआ। 1 अक्टूबर 2021 से नया कस्टम ड्यूटी सिस्टम लागू होगा। मोबाइल उपकरण पर कस्टम ड्यूटी 2.5 फीसदी लगेगा। लोहा और इस्पात – कुछ श्रेणियों के लिए कस्टम ड्यूटी 7.5% तक कम किया जा रहा है।  स्क्रैप ड्यूटी हटाने से मुख्य रूप से एमएसएमई  को धातु पुनर्नवीनीकरण में मदद मिलेगी, कॉपर स्क्रैप ड्यूटी 2.5% तक सीमित। कपड़ा – नायलॉन चिप्स, यार्न और नायलॉन के लिए अन्य कच्चे माल को 5% तक कम किया जा रहा है। सोना और चांदी – ड्यूटी कम किया गया। सौर – योजनाओं के लिए चरणबद्ध निर्माण योजना,  सौर इनवर्टर पर 5 से 20% और लालटेन पर 5 से 15% तक ड्यूटी बढ़ी।

कुछ ऑटो पार्ट्स – कस्टम ड्यूटी 15%

एमएसएमईस्टील क्रूड के लिए शुल्क 15%

कुछ प्रकार के चमड़े पर छूट रोकी गई।

तैयार सिंथेटिक रत्न कस्टम ड्यूटी फिर से शुरू होगा।

कपास पर 10% तक कस्टम ड्यूटी, रेशम यार्न पर 15% ड्यूटी बढ़ा।

कुछ सामानों पर एग्रीकल्चर इन्फ्रा सेस लगाया जाएगा जिसका लाभ किसानों को दिया जाएगा।

इस साल के बजट में वित्त मंत्री ने बैंक खातों में अपनी गाढ़ी कमाई जमा करने वाले डिपॉजिटरों को बड़ी राहत दी है। कोरोना से प्रभावित अर्थव्यवस्था के लिए ये बजट राहत का काम करेगा और आने वाले दिनों में बजट से होने वाले फायदे नजर आने लगेंगे। ये बजट वाकई में आत्मनिर्भर भारत का अभूतपूर्व आत्मनिर्भर बजट है।

 

Share