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पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान का ‘यू टर्न’ अवतार!

भारत ने अपने देश में बेहतरी के लिए जम्मू-कश्मीर से अनुपयोगी धारा 370 को निष्प्रभावी किया, लेकिन पाकिस्तान की छटपटाहट कम होने का नाम ही नहीं ले रही है। हालत ये हो गई है पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान सहित उनके मंत्री भारत के खिलाफ जहर उगल रहे हैं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री परमाणु हमले की धमकी भी कई बार दे चुके हैं, लेकिन हर मोर्चे पर मात खाने के बाद अब इमरान खान कहने लगे हैं कि पाकिस्तान पहले परमाणु हमले की शुरुआत नहीं करेगा। इधर इमरान खान ने भारत से युद्ध के बयान से यू टर्न लिया उधर पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने अपने ही पीएम के बयान का खंडन कर दिया।

बैकफुट पर आए इमरान खान

कश्मीर पर दुनिया के किसी भी देश का समर्थन न मिलने के बाद सोमवार को एक नाटकीय अंदाज में सुर बदलते हुए इमरान ने कहा कि भारत से तनाव के बीच पाकिस्तान परमाणु हथियारों का पहले इस्तेमाल नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि उनका देश कभी भी भारत के साथ युद्ध शुरू नहीं करेगा।

पाकिस्तान विदेश मंत्रालय ने इमरान के बयान का किया खंडन

इमरान का बयान उनके ही विदेश मंत्रालय को पसंद नहीं आया। पाकिस्तान विदेश मंत्रालय के प्र‌वक्ता डॉक्टर मोहम्मद फैजल ने इमरान के बयान का खंडन कर दिया। फैजल ने ट्वीट में लिखा, “परमाणु हथियारों से लैस दो देशों के बीच जंग पर प्रधानमंत्री के बयान का गलत मतलब निकाला गया है। इस तरह के हथियार संपन्न दो देशों के बीच युद्ध नहीं होना चाहिए, लेकिन पाकिस्तान की परमाणु नीति में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किया गया।

इमरान ने दी थी परमाणु हमले की धमकी

वैसे तो धारा 370 के निष्प्रभावी होने के बाद से ही पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने की धमकी देते आ रहे हैं। हफ्ते भर पहले ही इमरान खान ने भारत को परमाणु हमले के लिए चेताया था। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा था, ‘क्या ये बड़े देश सिर्फ अपने आर्थिक हित ही देखते रहेंगे। उन्हें याद रखना चाहिए, दोनों देशों के पास परमाणु हथियार हैं। परमाणु युद्ध में कोई विजेता नहीं होगा। ये न सिर्फ इस क्षेत्र में कहर बरपाएगा बल्कि पूरी दुनिया को इसके परिणाम भुगतने होंगे। अब यह अंतरराष्ट्रीय समुदाय पर निर्भर है।’

इमरान के इस यू टर्न के कारण

1. भारत का स्पष्ट और सख्त रुख

भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को स्पष्ट रूप से बता दिया था कि यह भारत का अंदरुनी मामला है और पाकिस्तान को भी सख्ती से सलाह दी थी कि वह इस हकीकत को स्वीकार कर ले।

2. यूएन ने हस्तक्षेप पर नहीं दी कोई प्रतिक्रिया

अनुच्छेद 370 के खात्मे के बाद संयुक्त राष्ट्र संगठन (यूएन) ने इस पर हस्तक्षेप पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। यूएन महासचिव की ओर से जारी बयान में कहा गया था कि कश्मीर में लगे प्रतिबंधों की जानकारी ली गई है। क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति पर हमारी नजर लगातार बनी है। यूएन के इस रुख से ये साफ हो गया कि कश्मीर पर पाकिस्तान का प्रोपगैंडा अंतरराष्ट्रीय समुदाय को प्रभावित नहीं कर पाया।

3. रूस भारत के साथ

भारत के पुराने दोस्त रूस ने कश्मीर मामले पर भारत की बातों का खुलकर समर्थन किया। भारत में नियुक्त रूस के राजदूत निकोलाय कुदाशेव ने अनुच्छेद 370 हटाए जाने पर कहा था कि ये भारत सरकार का संप्रभू फैसला है। उन्होंने कहा था कि यह भारत का एक आंतरिक मामला है।

4. ट्रम्प भी रहे तटस्थ

G7 सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प की मुलाकात के दौरान दोनों का दोस्ताना अंदाज और एक सवाल के जवाब में पीएम मोदी का कहना कि हम दोनों को बात करने दीजिए, जब जरूरत पड़ेगी तो आप तक जानकारी जरूर देंगे फिर ट्रम्प के मामले में कोई हस्तक्षेप न करने से भी इमरान खान की आशाओं पर पानी फिर गया।

5. फ्रांस-बांग्लादेश का समर्थन

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने पर भारत को फ्रांस के साथ पड़ोसी बांग्लादेश का साथ मिला। बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने कश्मीर को भारत का आंतरिक मसला बताया। फ्रांस की तरफ से भी कश्मीर पर भारत का समर्थन किया गया। फ्रांस के यूरोप और विदेश मामलों के प्रवक्ता ज्यां-वेस ले ड्रायन ने कहा कि कश्मीर पर हमारी नीति स्पष्ट है। यह मामला भारत-पाक को द्विपक्षीय राजनीतिक बातचीत के जरिए सुलझाना है।

6. फ्लॉप रहा इमरान का विरोध प्रदर्शन

कश्मीरियों के साथ सौहार्द के नाम पर पाकिस्तान में इमरान सरकार ने 30 अगस्त को ट्रैफिक रोककर प्रदर्शन किया था। प्रधानमंत्री इमरान खान खुद एक प्रदर्शन में शामिल हुए और कश्मीरियों के साथ आखिरी दम तक खड़े रहने का एलान किया था। पूर्व घोषणा के बावजूद विरोध प्रदर्शन में भीड़ कम जुटी। उल्टे ट्रैफिक रोके जाने से तेज धूप में जगह-जगह बीच सड़क पर फंसे लोगों को परेशानियों का ही सामना करना पड़ा। पाकिस्तानी नागरिकों ने इस प्रदर्शन पर इमरान खान को आड़े हाथों लिया।

7. अपने नागरिकों की आलोचना का हो रहे शिकार

पाकिस्तान आर्थिक संकट से गुजर रहा है। देश की माली हालत खस्ता है और इमरान खान भारत से जंग की चेतावनी दे रहे हैं ऐसे में पाकिस्तान के ही नागरिकों ने उनकी आलोचना शुरू कर दी। पाकिस्तान के सियालकोट के रहने वाले एक लड़के ने पाक के मौजूदा हालात को लेकर इमरान खान को ही आईना दिखा दिया। एक पाकिस्तानी पत्रकार से बात करते हुए उसने कहा कि जब तक पाकिस्तान आर्थिक रूप से भारत को नहीं हरा देता तब तक कश्मीर का मामला हल नहीं हो सकता। इस लड़के का वीडियो पूरी दुनिया में जबरदस्त वायरल हुआ।

पहले भी कई बार यू टर्न ले चुके हैं इमरान खान

इमरान खान के कुछ पुराने बयान पर गौर करें तो पाएंगे कि वो पाक सेना की आलोचना करते हुए कहते थे कि सेना ने मानवाधिकार का उल्लंघन किया है। अब जब सत्ता उनके खुद के हाथ में है तो वह सेना की तारीफों के पुल बांधते नहीं थकते हैं।

अपने वतन पर चीन के चंगुल में फंसने का आरोप लगाते थे। चीनी बैंकों के पाकिस्तान में कारोबार करने और चीनी मुद्रा को पाकिस्तान में मान्यता देने का विरोध करते थे। दिवालिया होने की कग़ार पर खड़े मुल्क़ को जादुई छड़ी से अमीर बना देने के वादे करते थे।

चीन में उइगर मुस्लिमों की क्या हालत है, ये पूरी दुनिया जानती है। चीन के मामले में इमरान खान खामोश हो गए हैं?

कल तक जो इमरान खान किसी के भी सामने हाथ नहीं फैलाने की बात करते थे, भीख नहीं मांगने की बात करते थे, आज वह जहां-तहां पैसे मांगते फिर रहे हैं। यहां तक कि 2014 में वह आईएमएफ को कोसते थे और अब 2018 आते-आते वह आईएमएफ की शर्तों पर उससे पैसा लेने को तैयार हो गए।

आसिफा भुट्टो-जरदारी ने कहा, ‘ इमरान खान ने वादा किया था कि वे दूसरे देशों से मदद मांगने से पहले आत्महत्या कर लेंगे। हालांकि वे हाथों में वहीं भीख का कटोरा लिए प्रत्येक देश के सामने देखे जा रहे हैं।’ आसिफा भुट्टो-जरदारी कहती हैं कि इमरान खान के पाकिस्तान में यही हो रहा है, यू-टर्न के बाद यू-टर्न।

इमरान खान नाकाम पीएम, धरे रह गए वादे!

पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत बेनजीर भुट्टो और पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की बेटी आसिफा भुट्टो-जरदारी ने कहा है कि पाकिस्तान के मौजूदा प्रधानमंत्री इमरान खान के खाते में सफलता से ज्यादा असफलताएं हैं। आसिफा ने खान पर इमरान खान के पिछले वादों को लेकर हमला बोला। उन्होंने कहा, ‘इमरान खान ने पाकिस्तान की जनता से वादा किया था कि वे एक करोड़ नौकरियां देंगे. वास्तव में उन्होंने और ज्यादा अस्थिरता पैदा कर दी है और इस आर्थिक अस्थिरता के कारण लाखों लोगों को नौकरी से निकाल दिया गया है। इमरान ने वादा किया था कि वे 50 लाख घर बनाएंगे. उन्होंने एक भी घर नहीं बनाया है, बल्कि उन्होंने लाखों घर बरबाद कर दिए हैं।’

भारत की साफ-सधी नीति, सख्त और स्पष्ट रुख के साथ धैर्य के साथ गंभीर बयानों ने पाकिस्तान को हर बार बैकफुट पर आने के लिए मजबूर कर दिया है। यही वजह है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को बार-बार यू टर्न लेना पड़ रहा है।

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